Karwachauth - Fem Lesbian Advertisement



समलैंगिक विवाह का प्रावधान ही भारत के कानूनों में नहीं है। फिर भी वो विवाहित हिन्दुओं के रीति-रिवाजों जैसा करवाचौथ ही मनाएंगी और उससे किसी दूसरे-तीसरे दर्जे के नागरिक (हिन्दू) को आपत्ति है भी तो उससे फर्क किसे पड़ता है!

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By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है।

20 thoughts on “Karwachauth – Fem Lesbian Advertisement”
  1. Bc chal kya raha hai ye, aisa light kbhi burkha ke liye bnao bc, ft ke hath me aayegi, n sooo many person yelling wow, nice yeshu,

    Ye sab tesi tube hai kya , ye dono milke ek ladki paida nhin kr sakti kya khaak kroge aise relation ka

  2. When this ad came everyone was like it Indian culture and blah blah it's a part of straight people. But the fact is that it was originally celebrated in Punjabi families only then people start following it now days because it looks cool on social media. Lots of my Jatt and Maharashtrian friends have there karwa chauth celebrate and then they are like we are not going to do that it's too tough and lots of people break it in the middle of it too because they feel hungry. Now please explain me wasn't this a insult then why they feel that it's a insult of this festival when two girls doing it properly.

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