अभी १० दिन बचे हैं | Poetry By Ankit Paurush | The Ankit Paurush Show

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अभी १० दिन बचे हैं,
१० दिन और इंतजार करना बाकी है,
१० दिन बाद कुछ रुका हुआ काम करना बाकी है।

जब तक किसी और से ले लेता हूं,
१० दिन बाद लौटा दूंगा।

१० दिन बाद सबको होटल ले जाऊंगा,
थोड़ा घुमाऊंगा,
सामान अब अगले महीने ही लाऊंगा,
अभी जो है उसी में काम चला लो।

ये सब इंतजार एक आम आदमी सैलरी आने का करता है,
जो नौकरी करता है, वही यह दर्द समझता है।

सुबह उठा मैसेज देखा, सैलरी क्रेडिटीड,
चेहरे पर मंद मंद मुस्कान,
ऐसा लगा कुछ कार्य हुआ है महान।

१ तारीक की खुशी कुछ अनोखी होती है,
चेहरे पर मुस्कान अलग ही होती है।
अफसोस यह खुशी चंद दिन की मेहमान है,
ईएमआई, बिजली, दूध का बिल, कामवाली आदि
सबका करना इंतजाम है।

ये सब गरीब होने का एहसास दिलाते हैं,
हमको हमारी हकीकत से मिलाते हैं।

क्या यार इतना इनकम टैक्स कट गया,
खुद की सेविंग से ज्यादा सरकारी खजाना भर गया,
सेविंग से ज्यादा इनकम टैक्स कट गया।

टैक्स कट गया फिर भी क्या कोई सुविधा है?
आम आदमी की यही दुविधा है।

बीमार होना बहुत बड़ी दुविधा है,
इनकम टैक्स कटने के बाद भी न कोई सुविधा है,
सरकारी हॉस्पिटल बस नाम के चल रहे हैं,
प्राइवेट हॉस्पिटल अपना खजाना भर रहे हैं।

जब भी कभी कोई होटल, रिजॉर्ट, बाहर वगैरा जाते हैं,
दोस्तों, परिवार के साथ कुछ समय बिताते हैं,
या घर का सामान लेकर आते हैं
इनकम टैक्स भरने के बाद भी जीएसटी का शिकार हो जाते हैं।

इन सब युद्धों के बाद , लोन लेकर एक घर बनाते हैं,
लोन के साथ साथ प्रॉपर्टी टॅक्स के चुंगल में फस जाते हैं।
कभी कभी ऐसा लगता है,
टैक्स भरने के लिए ही पैदा हुए हैं,
अपने रंग बेरंग करके नेताओं के रंग भरने के लिए पैदा हुए हैं।

क्या नौकरी करने वालों का कोई दुख समझेगा,
या फिर टैक्स पर टैक्स का सिलसिला चलता रहेगा।

सबसे ज्यादा ईमानदार मुझे नौकरी करने वाले लगते हैं,
ईमानदारी से पूरा का पूरा टैक्स भरते हैं।

स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल सबकी फीस इतनी लंबी है,
टैक्स भरने के बाद दूर दूर तक सुविधा नहीं दिखती है।

चलो कोई नहीं पूरा का पूरा टैक्स काट लो,
इनकम टैक्स के बाद बाकी टैक्सों का खंजर मार दो,
जो गरीब हैं, लाचार हैं, बेरोजगार हैं,
उनका जीवन तो सुधार दो।

तो कम से कम ऐसा लगेगा ,
हमारा इनकम टैक्स कुछ सत्कर्म , पुण्य में लगेगा।

By Ankit Paurush

अंकित पौरुष अभी बंगलोर स्थित एक निजी सॉफ्टवेर फर्म मे कार्यरत है , साथ ही अंकित नुक्कड़ नाटक, ड्रामा, कुकिंग और लेखन का सौख रखते हैं , अंकित अपने विचार से समाज मे एक सकारात्मक बदलाव के लिए अक्सर अपने YouTube वीडियो , इंस्टाग्राम हैंडल और सभी सोसल मीडिया के हैंडल पर काफी एक्टिव रहते हैं और जब भी समय मिलता है इनके विचार पंख लगाकर उड़ने लगते हैं

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