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नई दिल्ली. भारत के सबसे तेजी से बढ़ने वाले प्राइवेट जनरल इंश्योरर में एक डिजिट इंश्योरेंस ने आज हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के चलन पर एक अध्ययन की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक साल 2021 में क्लेम्स में 3.5 गुना तेजी से इजाफा हुआ है। यह अध्ययन रीटेल और ग्रुप हेल्थ प्रोडक्ट पर डिजिट के सेटल हुए क्लेम के डेटा पर आधारित है जो साल 2020 और 2021 में जनवरी और दिसंबर के बीच करवाए गए। कोविड 19 महामारी के कारण क्लेम के चलन में दो वर्षों में आए बदलावों को समझने के लिए इंश्योरर ने 2021 के डाटा की 2020 के डाटा से तुलना की। आम तौर पर दूसरी लहर के नाम से के लिए जिम्मेदार डेल्टा वेरिएंट की वजह से देश में 2020 की तुलना में साल 2021 में ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हुए।

 

इस वजह से पिछले साल की तुलना में 2021 में हर तरह के हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में 257% का इजाफा हुआ। 2020 में मेट्रो और नॉन मेट्रो शहरों में लगभग बराबर क्लेम दर्ज हुए, लेकिन 2021 में मेट्रो की तुलना में नॉन मेट्रो शहरों नें 17% ज्यादा क्लेम देखने को मिले। डिजिट इंश्योरेंस के हेड आॅफ डायरेक्ट सेल्स विवेक चतुवेर्दी का अध्ययन पर कहना है, 2021 में क्लेम की संख्या बढ़ना यह दशार्ता है कि कोविड-19 महामारी आने के बाद लोगों में हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर जागरुकता बढ़ी है। खास तौर पर नॉन मेट्रो शहरों में इतना बड़ा उछाल दिखाता है कि किस तरह महामारी ने छोटे शहरों को प्रभावित किया है।

 

मेट्रो और नॉन मेट्रो शहरों के समान टिकट साइज दिखाते हैं कि हेल्थकेयर पर खर्च का अंतर अब कम होता जा रहा है। इससे पता चलता है कि अब नॉन मेट्रो शहरों में भी हेल्थ इंश्योरेंस लेना बेहद जरूरी हो गया है।अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष : 2020 की तुलना में हेल्थ क्लेम की कुल संख्या में 2021 में 257% (3.5 ७) का उछाल आया। डेल्टा वेरिएंट के कारण कोविड 19 क्लेम भी 178% बढ़े। 2020 में मेट्रो और नॉन मेट्रो शहरों में क्लेम की संख्या एक समान थी, हालांकि, 2021 में मेट्रो की तुलना में नॉन मेट्रो शहरों में 17% ज्यादा क्लेम हुए। हर तरह के क्लेम पर नजर डाली जाए, तो 2021 में नॉन मेट्रो में मेट्रो की तुलना में 51% ज्यादा क्लेम हुए। इसी साल, 2020 की तुलना में नॉन मेट्रो शहरों में क्लेम की संख्या में 300% की उछाल आई। अस्पताल में हर तरह की भर्ती में 2021 में पिछले साल की तुलना में औसतन 21% की गिरावट आई।

 

2021 में कोविड 19 क्लेम के मामले, मेट्रो और नॉन मेट्रो शहरों में लगभग बराबर रहे। यानी “69,259 और “68,919।2021 में महिलाओं के क्लेम की औसतन राशि “51,692 रही, वहीं पुरुषों की क्लेम राशि “66,636 रही। दोनों वर्गों के बीच यह अंतर 29% का है। कोविड 19 के लिए यही अंतर 32% का रहा। तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु ने 2021 में सबसे ज्यादा क्लेम किए। केवल उन शहरों को लिया गया है जिनमें 1,000 से ज्यादा क्लेम हुए।25-35 और 36-45 वर्ष आयु वाले पॉलिसी धारकों ने 2021 में सबसे ज्यादा क्लेम किए। यही चलन 2020 में भी देखा गया। 2020 में डिजिट के सभी प्रकार के क्लेम में कोविड 19 क्लेम की संख्या 69% रही, वही 2021 में यह संख्या 54% रही। इस दौरान डिजिट के हेल्थ पोर्टफोलियो में 218% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। डिजिट का अध्ययन बताता है कि 2021 में पुरुषों ने महिलाओं की तुलना में 127% ज्यादा क्लेम किए। 2020 में यह संख्या 283% रही।

 

चतुवेर्दी कहते हैं, जबकि हम हेल्थ इंश्योरेंस के लिए महिलाओं में धीरे-धीरे बढ़त देख रहे हैं, पुरुषों और महिलाओं द्वारा रिपोर्ट किए गए क्लेम्स की संख्या में भारी अंतर से पता चलता है कि अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना बाकी है। महिलाओं के लिए सक्रिय रूप से इंश्योरेंस कराना जरूरी है और इंश्योरर्स को भी उनके बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।

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