गणपति के बहाने – देवीप्रसाद चटोपाध्याय की पुस्तक “लोकायत”
“एक झूठ को बार-बार बोलने से वह सच बन जाता है, और उसी झूठ को तर्क पूर्ण ढंग से लिख…
खबर और साहित्य
क्या पढ़े ? कौन सी किताब पढनी चाहिए , किताब से रिलेटेड हर तरह की जानकारी, ऑथर के विचार , औथोरो से ख़ास बात चित | इस हफ्ते कौन सी नै किताब बाजार मे आई ? इन्ही से जुडी सभी सवालों का जबाब |
“एक झूठ को बार-बार बोलने से वह सच बन जाता है, और उसी झूठ को तर्क पूर्ण ढंग से लिख…
अंग्रेजी किताब क्यों ? क्योंकि जिस पीढ़ी को आप धर्म और उसकी छोटी-मोटी बातें पढ़ाना चाहते हैं, वो तो अंग्रेजी…
इब्नेबतूती दिव्य प्रकाश दुबे द्वारा लिखित एक लघु उपन्यास हैl इब्नबतूती एक ऐसा शब्द है जिसका कोई शाब्दिक अर्थ नहीं…
कार्ल मार्क्स, जिन्हें एम.एन. राय ने झूठा पैगम्बर कहा है, ने लिखा है— “सिद्धांत की अंतिम परख व्यवहार है’ प्रसिद्ध…
कई लघुकथाएँ अपने पूरे अंत पर नहीं पहुँचती। उसके पाठक उसके अंत की चर्चा करते हैं, कभी पहले तो कभी…
ऐनी फ्रैंक का परिवार लिबरल यहूदी परिवार था। कहने का मतलब जैसे कई हिन्दू सभी धार्मिक परम्पराओं का पालन नहीं…
एक दौर था जब “हाथी मेरे साथी” जैसी फ़िल्में बनती थीं। आज बिलकुल नहीं बनती ऐसा नहीं है, हाल में…
जिन्हें हम अक्सर सुनाते हैं, उन कहानियों में से एक कहानी नवविवाहिता और चूहे की कहानी है। होता यूँ है…
अगर आप इतिहास से नहीं सीखते तो क्या होता है? इतिहास चक्र की तरह अपने आप को दोहराता है! तबतक,…
सपनें ज़रूर देखें – दोस फॉलन ब्रेडक्रम्ब्स – ऋचा द्वारा लिखी किताब बिहार की बेटी ऋचा कुमारी ने एक और…