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पटना | राष्ट्रीय युवा पुरस्कार एवं राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित समाज सेविका एवं शिक्षिका तथा दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापिता डा. नम्रता आनंद ने मडडी और चंदासी गांव के 300 लोगों को एवं ईटा भट्ठा के 100 गरीब मजदूरों को मास्क और साबुन दिया।

कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद भीषण महामारी में भी मजदूर वर्ग अपने पेट को चलाने के लिए मेहनत कर रहा है। ऐसे में दीदी जी फाउंडेशन की संस्थापक नम्रता आनंद ने सोचा कि इन गरीब मजदूरों को मास्क और साबुन देकर उनका जीवन बचाने की कोशिश की जाए, इसीलिए सभी मजदूरों का हाथ सैनिटाइज करा कर उन्हें मास्क पहनाया गया और साबुन दिया गया। साथ ही दीदी जी फाउंडेशन के स्वयंसेवक सदस्यों द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वयंसेवक सदस्य राजकुमार, राजू कुमार, रीता देवी, निरंतरा हर्षा, नियति सौम्या, रंजीत ठाकुर, जाहिदा नसर, मनीषा कुमारी नीतू शाही ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी मजदूरों और गांव वालों को सदस्यों द्वारा समझाया गया डबल लेयर मास्क पहने, सोशल डिस्टेंस मेंटेन करें, साबुन से दिन भर में चार-पांच बार हाथ धोएं, सेनीटाइजर का प्रयोग करें, इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिए शाकाहारी बने, शराब नहीं पीए, तथा कोविड 19 से बचने के लिए टीकाकरण अभियान में जरूर भाग ले और टीका जरूर लगवाएं। तुलसी, नीम, गुड़, नींबू , काढ़ा, गिलोय, प्याज, लहसुन, आदि के सेवन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत हित के रूप में उन्होंने पूरे भारत में यात्रा की। वर्तमान में, वह भारत के 500+ जिलों में अपना टैली रखता है। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर लॉन्च होने के पांच दिनों के भीतर स्टॉक से बाहर हो गई।

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