समय से पहले चुनाव कराने की नरेंद्र मोदी में हिम्मत नहीं- पप्पू यादव

पटना। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद पप्पू यादव ने उत्तरी मंदिरी स्थित आवास पर शनिवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया। मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने नरेंद्र मोदी को सलाह देते हुए कहा कि नरेंद्र को देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए । बीजेपी से ज्यादा जगहों पर कांग्रेस की सरकार हो गई। बीजेपी देख रही है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में सभी भाजपा के बड़े नेताओं में कांग्रेस में जाने की होड़ लगी है। इंडिया गठबंधन का तेजी से विस्तार हो रहा है।

जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने कहा कि साउथ इंडिया में 120 से 130 सीटों पर कांग्रेस लोकसभा चुनाव में जीतेगी, यहीं हाल उत्तर भारत में भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय संसद का सत्र आपने जो बुलाया है लेकिन चुनाव कराने में आपकी हिम्मत नहीं है, क्योंकि अटल जी ने भी पहले चुनाव कराया था तो हार गए थे देश में लगातार डेमोक्रेसी को खत्म किया जा रहा है।

पप्पू यादव ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री जी को सलाह देना देना चाहूंगा कि वन नेशन वन इलेक्शन की बजाय वन नेशन वन एजुकेशन, वन नेशन वन हेल्थ, वन नेशन इवेरीवन इप्लॉयमेंट की बात करिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आप ये करेंगे तो आपको चुनाव हिंदू- मुस्लिम, गुरुद्वारा – मंदिर, मस्जिद नहीं करना पड़ेगा। वहीं उन्होंने कहा कि जिस दिन मेरी सरकार में हिस्सेदारी होगी मैं गारंटी देता हूं अगर हर परिवार को नौकरी नहीं दे पाया तो हर परिवार को 50 लख रुपए का रोजगार देने की गारंटी दूंगा ताकि कोई बेरोजगार ना रहे 50 लाख रुपया बिना ब्याज के बिजनेस करने के लिए दूंगा। जिसे मिनीमम 1 साल और मैक्सीमम 3 साल बाद सरकार को लौटाना होगा। जिस दिन मैं सरकार में आऊंगा कोई भी बिना रोजगार के नहीं रहेगा। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो मैं आजीवन राजनीति छोड़ दूंगा। इसके अलावा मैं बिहार भी छोड़ दूंगा।

वहीं, उन्होंने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के कब पाठक को सलाह देते हुए कहा कि मैं मानता हूं कि पॉलीटिकल सिस्टम बेईमान है लेकिन आप ईमानदार हैं लेकिन आपको संविधान और कानून के दायरे में काम करना चाहिए । उन्होंने कहा कि आप निश्चित रूप से प्राइवेट कोचिंग संस्थान अंकुश लगाइए । उन्होंने कहा कि आज के समय में कोचिंग शिक्षा का एक आधार बन गया है अगर कॉलेज और स्कूल में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था होगी तो बच्चे कोचिंग संस्थानों में क्यों जायेंगे। कॉलेजों में 1200 बच्चे के ऊपर एक प्रोफेसर है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। एक कॉलेज में 18000 बच्चों का एडमिशन होता है लेकिन उसे कॉलेज में 4 से 5 हजार बच्चों को पढ़ाने का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होता है।

पप्पू यादव ने कहा कि परीक्षा के दौरान समस्तीपुर में एक बच्चे की मौत हो गई, इसका कौन दोषी है? साथी उन्होंने केके पाठक से कहा कि अगर आप टीचर को मेंटल टार्चर करेगा तो वह कैसे पढ़ायेगा, आप काम कराएगा उसे समय पर पैसा नहीं दीजिएगा।

पप्पू यादव ने कहा कि राज्यों के कॉलेजों में लैब नहीं है। कॉलेज में 10 हजार स्टूडेंट के लिए मात्र 20 कमरे हैं जबकि कम से कम 90 कमरों की जरूरत होती है, सभी महाविद्यालय में स्पोर्ट्स एवं कल्चरल गतिविधि की सुविधा नहीं है। इसके अलावा एक दो कॉलेज को छोड़कर किसी भी महाविद्यालय में हॉस्टल की सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से बच्चे महंगी जगह पर किराए पर कमरा लेकर रहते हैं और पढ़ाई करते हैं। शिक्षा विभाग बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के 75 फ़ीसदी उपस्थिति को कैसे अनिवार्य कर सकता है । पप्पू यादव ने कहा कि केके पाठक से अपील करता हूं कि, आप सस्ती लोकप्रियता के पीछे मत भागिये, बड़ी मछलियों को पकड़िए।

पप्पू यादव ने कहा कि केके पाठक जी आप अच्छा काम करिए पप्पू यादव आपके साथ खड़ा है लेकिन कानून में रहकर काम करिए, शिक्षकों पर जबरदस्ती अपना डंडा मत चलाइए। उन्होंने कहा कि वित्त रहित कॉलेजों में पढ़ने वाले प्रोफेसर को पहले परमानेंट कीजिए। कॉलेज और स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर दीजिए तब 75 फ़ीसदी उपस्थिति को अनिवार्य करिए । साथ ही उन्होंने कहा कि बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के आप शिक्षकों और बच्चों पर दबाव बनाएंगे तो पप्पू यादव के के पाठक के खिलाफ सड़क पर उतरेगा । बिना पढ़ाई के 75 उपस्थिति भ्रष्टाचार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केके पाठक के अच्छे चीजों का समर्थन करेंगे और गलत चीजों के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे

  • anandkumar

    आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है।

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