जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 05 मई ::

दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन के कार्यालय में संस्था के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सभा को संवोधित करते हुए संस्था के निदेशक डॉ राकेश दत्त मिश्र ने बताया कि पर्यावरण का अर्थ संपूर्ण प्राकृतिक परिवेश से है जिसमें हम रहते हैं। इसमें हमारे चारों ओर के सभी जीवित और निर्जीव तत्व शामिल होते हैं, जैसे कि हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे, जानवर और अन्य जीव-जंतु। पर्यावरण के घटक परस्पर एक-दूसरे के साथ जुड़कर एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं। प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और मानव जीवनशैली के लिए इनके गलत उपयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। दूषित पर्यावरण उन घटकों को प्रभावित करता है, जो जीवन जीने के लिए आवश्यक हैं। ऐसे में पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने, प्रकृति और पर्यावरण का महत्व समझाने के उद्देश्य से हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं। वैसे तो पर्यावरण दिवस मनाने की नींव 1972 में पड़ी, जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहला पर्यावरण दिवस मनाया है और हर साल इस दिन को मनाने का एलान किया।

उक्त अवसर पर दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाते हैं, इसके पीछे का रहस्य यह ह। दरअसल, पहला पर्यावरण सम्मेलन 5 जून 1972 को मनाया गया था, जिसमें 119 देशों ने भाग लिया था। स्वीडन की राजधानी स्टाॅकहोम में सम्मेलन हुआ। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानव पर्यावरण पर स्टाॅकहोम सम्मेलन के पहले दिन को चिन्हित करते हुए 5 जून को पर्यावरण दिवस के तौर पर नामित कर लिया। आज भारत समेत पूरे विश्व में प्रदूषण तेजी से फैल रहा है। बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रकृति खतरे में हैं। प्रकृति जीवन जीने के लिए किसी भी जीव को हर जरूरी चीज उपलब्ध कराती है। ऐसे में अगर प्रकृति प्रभावित होगी तो जीवन प्रभावित होगा। प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

उन्होंने बताया कि इस दिन लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाता है और प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है। आज हम भी संस्था के द्वारा प्रत्येक सदस्य को एक पेड़ लगाने की शपथ दिलाएंगे।

उक्त अवसर पर संस्था के निदेशक डॉ राकेश दत्त मिश्र, सुनीता पाण्डेय, संस्था के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिन्हा, संस्था के सचिव सुबोध कुमार सिंह एवं कोषाध्यक्ष प्रेम सागर पाण्डेय के अतिरिक्त संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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