Author: anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है।

इंटर्नेशनल ह्युमन राइट्स युनियन के द्वारा महिलाओ का सम्मान

पटना,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बिहार विधान परिषद के सभागार मे महिलाओ के सम्मान मे समारोह का आयोजन इंटर्नेशनल…

दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापक डा. नम्रता आनंद को मिला गार्गी एक्सीलेंस अवार्ड

पटना, राजकीय-राष्ट्रीय सम्मान से अंलकृत दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापक और समाजसेवी डा. नम्रता आनंद को सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान…

महामारी के बाद भारत में कमज़ोर समूहों के बच्चे मानसिक कल्याण के लिए निपटने की पद्धति प्रदर्शित करते हैं: टीआरएसी 2022 रिपोर्ट

विभिन्न देशों के द्वीतीयक साहित्य की समीक्षा पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) की शुरूआत और बिगड़ने की स्थिति दर्शाते हैं टीआरएसी…

एक नजर आम आदमी पार्टी और पार्टी से छिटकते नेताओं पर

अपनी पार्टी में उभरने वाले हर विरोध, हर राजनितिक चुनौती को अरविन्द केजरीवाल स्वयं ही निपटाते रहें हैं! आखिर क्या…

एस जयशंकर के बयान का विशलेषण करने में रब्बिश से क्या चुक हुई ? #sjaishankar

अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर जब बयान दिए जाते हैं तो कई बातें कूट सन्देश होती है इन्हें समझने के लिए इतिहास…

दीदीजी फाउंडेशन संस्कारशाला के बच्चों ने नन्ही परी सोशल वेल्फेयर फाउंडेशन के सम्मान समारोह में दी लाजवाब प्रस्तुति

पटना। दीदीजी फाउंडेशन संस्कारशाला के बच्चों ने नन्ही परी सोशल वेल्फेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में लाजवाब प्रस्तुति देकर…