उत्तर प्रदेश चुनाव :- उत्तरप्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश और सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला प्रदेश , अभी वहाँ पर चुनाव जारी है , चुनाव से पहले कुछ घटनाएं घटी जैसे हाथरस कांड, लखीमपुर खिड़ी मे किसानो पर जीप का चढ़ना कोरोना मे गंगा मे लासो का बहना । ये सब योगी सरकार और भाजपा को असहज करने के लिए काफी थे , योगी सरकार जिस ला एंड आर्डर की बात करती है उससे कोई असहमति नही है लेकिन ये घटनाएं एक तरफ ला एंड ऑर्डर को मुह भी चिढ़ाता है । इन घटनाओं को केंद्र मे रखते हुए एक गीत भी फेमस हुआ up मे का बा गायिका नेहा सिंह राठौर उसके उत्तर भी दिए गए जो कि भाजपा नेता और सांसद रवि किशन ने दिए हैं और भी कई दिग्गज फ़नकारो ने इसका जबाब दिया जिससे की नेहा की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया एक फ़ौज ही उतार दी लेकिन हुआ क्या उससे नेहा सिंह राठौर और वायरल हुई आप सबो को भी दिख ही रहा होगा। उसके बाद भाजपा ने एक और दाव खेला और नेता जी शुभाष चन्द्र बोस का स्मारक जो की अभी डिजिटल है उसका अनावरण करके राष्ट्रहित का दाव चला लेकिन वो भी लोग भूल गये, फिर आया राम मंदिर उसको भी अखिलेश यादव ने कृष्ण सपने में आते हैं से चुनौती दे डाली राम मंदिर रणनीति भी धूमिल कृष्ण जी सपने मे आकर कर गये फिर योगी जी का lalantop इंटरव्यू जिसमे उन्होंने इन सभी आरोपों का जबाब दिया बड़े बेबाकी से एक प्रश्न पर तो पत्रकार सौरभ ही बंध गये मामला था प्रतियोगी परीक्षाओं मे पेपर लिक का सौरभ की असहजता साफ़ देखि जा सकती थी कैमरे पर बाद मे सौरभ का मजाक भी उड़ा और विडियो भी वायरल हुआ । इस इंटरव्यू के बाद योगी मजबूत नजर आ रहे थे फिर आया हिजाब प्रकरण लगने लगा की अब हिन्दू मुश्लिम करके भारतीय जनता पार्टी चुनाव मे परचम लहरा देगी लेकिन इस मामले पर भी अभी तक कुछ बात बनते दिख नही रही क्योंकि मुश्ल्मान वोटर खामोश है । अभी दो तीन पहले एक फोटो सोशल मीडिया मे वायरल हुई जिसमे योगी किसी सभा को सम्बोधित कर रहें हैं लेकिन पता चला वो फोटो नकली है । फिर उस पर मचा बवाल, रणनीति फ्लॉप होती नजर आ रही है और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनते नजर आ रहें हैं और इन सभी के लिए जिम्मेदार सिर्फ भाजपा ही है क्योंकि रणनीति उनकी इसलिए दोष भी उनका । भाजपा को चाहिए की एक कुशल रणनीतिकार को पकड़े प्रशांत किशोर टाइप नही तो समझो गई भैंस पानी मे। भाजपा को अपना विकाश के कामो को propgate करना चाहिए जैसे एक्सप्रेस वे, हाईवे, अपराध का आकडा पिछली सरकारों के मुकाबले लेकिन वो कहती है केरल बन जाएगा up तो पश्चिम बंगाल बन जाएगा, इस तरह के बयानबाजी से अगर नही बचे तो फिर समझो गई भैंस पानी में । अभी के माहौल से अखिलेश मुख्यमंत्री बनते दिख रहें हैं और यही हाल रहा तो कृष्ण के कन्धो पर सवार होकर अखिलेश राजगद्दी पर काबिज हो जायेगी । #निष्पक्ष
उत्तर प्रदेश चुनाव पर निष्पक्ष राय शुभेन्दु प्रकाश की कलम से | उट किस करवट बैठेगा ?
ByShubhendu Prakash
Feb 19, 2022By Shubhendu Prakash
Shubhendu Prakash – Hindi Journalist, Author & Founder of Aware News 24 | Bihar News & Analysis Shubhendu Prakash एक प्रतिष्ठित हिंदी पत्रकार, लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो Aware News 24 नामक समाधान-मुखी (Solution-Oriented) न्यूज़ पोर्टल के संस्थापक और संचालक हैं। बिहार क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक विश्लेषण के लिए उनका नाम विशेष रूप से जाना जाता है। Who is Shubhendu Prakash? शुभेंदु प्रकाश 2009 से सक्रिय पत्रकार हैं और बिहार के राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी विषयों पर गहन रिपोर्टिंग व विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे “Shubhendu ke Comments” नाम से प्रकाशित अपनी विश्लेषणात्मक टिप्पणियों के लिए भी लोकप्रिय हैं। Founder of Aware News 24 उन्होंने Aware News 24 को एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में विकसित किया है जो स्थानीय मुद्दों, जनता की समस्याओं और समाधान-आधारित पत्रकारिता को प्राथमिकता देता है। इस पोर्टल के माध्यम से वे बिहार की राजनीति, समाज, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और डिजिटल विकास से जुड़े मुद्दों को सरल और तार्किक रूप में प्रस्तुत करते हैं। Editor – Maati Ki Pukar Magazine वे हिंदी मासिक पत्रिका माटी की पुकार के न्यूज़ एडिटर भी हैं, जिसमें ग्रामीण भारत, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता की जाती है। Professional Background 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कार्य 2012 से सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं में अनुभव 2020 के बाद पूर्णकालिक डिजिटल पत्रकारिता पर फोकस Key Expertise & Coverage Areas बिहार राजनीति (Bihar Politics) सामाजिक मुद्दे (Social Issues) लोकल जर्नलिज़्म (Local Journalism) टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया पब्लिक इंटरेस्ट जर्नलिज़्म Digital Presence शुभेंदु इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय हैं, जहाँ वे Aware News 24 की ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और जागरूकता-उन्मुख पत्रकारिता साझा करते हैं।
