बिहार जाति जनगणना के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 20 जनवरी को करेगा सुनवाई


वकील ने तर्क दिया कि जाति सर्वेक्षण संविधान की केंद्रीय सूची के तहत आता है और एक राज्य के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है। | फोटो क्रेडिट: एएनआई

सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी को बिहार जाति जनगणना को चुनौती देने वाली एक याचिका को अगले शुक्रवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने याचिका की तत्काल सुनवाई का उल्लेख सुना और कहा कि यह 20 जनवरी को आएगी।

वकील ने तर्क दिया कि जाति सर्वेक्षण संविधान की केंद्रीय सूची के तहत आता है और एक राज्य के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है।

सीजेआई ने कहा, “ये योग्यता पर सवाल हैं … मामले को अगले शुक्रवार को आने दें।”

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने वैज्ञानिक डेटा के संग्रह के माध्यम से समाज के सबसे पिछड़े वर्गों की पहचान करने और उन तक कल्याणकारी उपाय सुनिश्चित करने के लिए जातिगत जनगणना को एक “ऐतिहासिक कदम” करार दिया था।

सर्वेक्षण का पहला चरण 7 जनवरी, 2023 को शुरू हुआ और 21 जनवरी तक चलेगा। दूसरा चरण अप्रैल से है।

बिहार कैबिनेट ने पिछले साल 2 जून को सर्वे कराने का फैसला किया था।

अधिकारियों का अनुमान है कि जनगणना राज्य भर में 12 करोड़ और 2.5 करोड़ से अधिक परिवारों को कवर करेगी। सर्वे 21 मई तक पूरा होने की संभावना है।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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