सिक्किम जी20 बैठक के लिए तैयार, 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगे


केवल प्रतिनिधित्वात्मक उद्देश्यों के लिए छवि। सिक्किम 16 मार्च को Business20 और 18 और 19 मार्च को StartUp20 की मेजबानी करेगा। फोटो साभार : सुशील कुमार वर्मा

सिक्किम के मुख्य सचिव वीबी पाठक ने मंगलवार को इस सप्ताह के अंत में राज्य में होने वाले जी20 कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की।

ताशीलिंग सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में, उन्होंने आयोजनों की मेजबानी के लिए विभिन्न विभागों के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

श्री पाठक ने कहा कि वैश्विक कार्यक्रम सिक्किम के उभरते उद्यमियों के लिए पर्याप्त लाभ और लाभ प्रदान करके एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करेंगे।

उन्होंने अधिकारियों को आयोजनों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी और विभिन्न विभागों को सौंपी गई भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर जोर दिया।

सिक्किम 16 मार्च को Business20 और 18 और 19 मार्च को StartUp20 की मेजबानी करेगा।

भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत आयोजित होने वाले दो कार्यक्रमों में 20 देशों के 80 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे।

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि उनके राज्य को दो बैठकों की मेजबानी करने का सम्मान मिला है।

गंगटोक में एमजी मार्ग पर सिक्किम के पूर्व राज्य की दूसरी राजधानी राबदेंटसे के प्रतीक चिन्ह के साथ एक स्मारक का अनावरण करने के बाद उन्होंने कहा, “सरकार और सिक्किम के लोग पूरे दिल से हमारे प्यारे राज्य में सभी गणमान्य लोगों का स्वागत करते हैं।”

अधिकारियों ने कहा कि स्मारक दो घटनाओं के लिए उत्सव बिंदु के रूप में काम करेगा।

मुख्यमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया।

राज्य की राजधानी को दो आयोजनों के लिए सजाया गया है, और पाकयोंग से गंगटोक तक सड़क के किनारे की इमारतों- लगभग 26 किमी- को नए सिरे से रंग दिया गया है।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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