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पटना, 03 अक्टूबर बिजनेस वुमेन प्रियंका अनुराग सामाजिक संगठन दीदीजी फाउंडेशन की संरक्षक नियुक्त की गयी हैं।
दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापिका डा. नम्रता आनंद ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रियंका अनुराग के किये जा रहे कार्यो को देखकर उन्हें अपनी संस्था का संरक्षक नियुक्त किया है। प्रियदर्शी अनुराग की पत्नी प्रियंका ने मगध महिला कॉलेज से बीबीए स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और इसके बाद उन्होंने सिंबोसिस पुणे से एचआर और मार्केटिंग में पीजीडीबीए किया है। प्रियंका ने वर्ष 2018 में बोरिंग रोड में अरिपरा क्रियेशन खोला।
डा. नम्रता आनंद ने बताया कि महिलाओं ने भी अब सशक्तीकरण की ओर अपना कदम बढ़ा दिया है। जो महिलाएं घर से नहीं निकलती थीं, वे भी अब घर की दहलीज से निकलकर आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हो रही हैं। हर महिला स्वरोजगार कर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं। महिलाएं घर में ही कुटीर उद्योग स्थापित कर स्वावलंबी बना सकती हैं।समाज में व्याप्त कुरितियों को दूर करने को भी महिलाएं आगे आएं।महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। आज के परिदृश्य में महिलाएं केवल चूल्हे-चौके तक ही सीमित नहीं रह गई हैं. महिलाएं घर की दहलीज लांघकर बाहर निकल रही हैं और अपना कल सवांरने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।
डा. नम्रता आनंद ने कहा, एक समय था, जब महिलाएं घर की दहलीज पार नहीं करती थीं। समाज में महिलाओं के लिए कई तरह की पाबंदी थी, लेकिन समय के साथ लोगों की सोच बदली. महिलाएं अब घर की दहलीज लांघ चुकी हैं। अब पुरुषों की बराबरी कर रही हैं। प्रियंका ने खुद का रोजगार स्थापित कर महिला सशक्तीकरण की दिशा में काम किया है, जिसके लिये वह बधाई की हकदार हैं और इसी को देखते हुये उन्हें दीदीजी फाउंडेशन का संरक्षक नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि दीदीजी फाउंडेशन की ओर से होने वाले कार्यक्रम में प्रियंका अरिपरा क्रियेशन की ओर परिधान उपलब्ध कराती हैं।
प्रियंका ने बताया कि गरीब बच्चों को सुंदर परिधान से सजाना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। प्रियंका का कहना का बिजनेस अपनी जगह है लेकिन जो सेवा दीदीजी फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों को मदद करने के लिये मिल रही है, उसेसे बढ़कर उनके लिये कोई खुशी नहीं है।

By anandkumar

आनंद ने कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है और मास्टर स्तर पर मार्केटिंग और मीडिया मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने बाजार और सामाजिक अनुसंधान में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। दोनों काम के दायित्वों के कारण और व्यक्तिगत रूचि के लिए भी, उन्होंने पूरे भारत में यात्राएं की हैं। वर्तमान में, वह भारत के 500+ में घूमने, अथवा काम के सिलसिले में जा चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से, वह पटना, बिहार में स्थित है, और इन दिनों संस्कृत विषय से स्नातक (शास्त्री) की पढ़ाई पूरी कर रहें है। एक सामग्री लेखक के रूप में, उनके पास OpIndia, IChowk, और कई अन्य वेबसाइटों और ब्लॉगों पर कई लेख हैं। भगवद् गीता पर उनकी पहली पुस्तक "गीतायन" अमेज़न पर बेस्ट सेलर रह चुकी है।

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