पावर स्टार पवन सिंह की लोकप्रियता किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में पटना से एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जो बेहद हर्ट टीचिंग है। पटना में एक कार्यक्रम के दौरान एक बच्ची उनसे मिलकर रो पड़ी। वह खुद को पवन की डाय हार्ड फैंस बता रही थी। उसे ऐसा देख पवन ने पहले तो उसे शांत कराया और कहा कि कभी – कभी खुशी के आंसू भी निकल आते हैं। आज इस बच्ची का जन्मदिन है, इसको बहुत सारी बधाईयां। गॉड ब्लेस यू। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, क्योंकि पवन के फैंस दुनिया भर में हैं और वे उनके लिए कुछ न कुछ करते रहते हैं।


गौरतलब है कि पवन सिंह भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता आर के सिन्हा द्वारा होली मिलन समारोह में शामिल होने पटना आये थे। यहीं वह लड़की मंच पर आकर अपनी खुशी का इजहार किया और रो पड़ी। पवन ने भी उन्हें निराश नहीं किया और उसके बर्थडे को यादगार बनाते हुए, उसके द्वारा कही दूसरी बातें भी मान ली। पवन की फैन फॉलोइंग यूँ ही नहीं है। आज पवन  सिंह ने भारतीय संगीत जगत में खासकर भोजपुरी भाषा मे एक अमिट लकीर खींची है, जिसके आस पास भी कोई नहीं है।

यही वजह है कि पवन लोगों में बेहद पॉपुलर हैं। पवन के लिए कहा जाता है कि वे सक्सेस के पर्याय हैं। उनके गाने मिलियन में और फिल्में बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़ते अक्सर नज़र आ जाते हैं। अब तो उन्हें बॉलीवुड ने भी अपना लिया है, जिस वजह से उनके कई प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। पवन की माने तो दर्शकों का प्यार उन्हें हौसला देता है और वे एक से बढ़ कर एक गाने और फ़िल्म के साथ नज़र आते हैं। पवन का जलवा स्टेज शो में भी खूब दिखता है। उनकी एक झलक पाने को लोग बेताब रहते हैं। भोजपुरी में स्टारडम की जिस दौर से वे गुजर रहे हैं, फिलहाल उनके सामने कोई दूसरा नज़र भी नहीं आ रहा। 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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