सही गलत
कभी कभी इंसान सही और गलत के तराजू में भटक जाता है और फिर सोचता है कि सही के साथ…
खबर और साहित्य
साहित्य जगत से कविता, शेर, सायरी, गजल, और अन्य
कभी कभी इंसान सही और गलत के तराजू में भटक जाता है और फिर सोचता है कि सही के साथ…
मैं इंसान हूं, मुझे तराजू में न तोलो, मेरे कोमल हृदय को तुम यूं न टटोलो, वहां भी तुम्हें एक…
विधानसभा भवन के बाहर गेट पर कुछ अज्ञात लोगों की ओर से खालिस्तानी झंडे टांगे (Himachal Pradesh Khalistan Flag) गये…
मैं इंसान हूं by Ankit Paurush A short poem about human being vs religion.I feel if we are good human…
जूता कितना भी महंगा हो हुजूर, उसे सर पर तो नहीं पहन लेते न? रहता तो पांव में ही है!…
सबसे लम्बे ब्लॉग पोस्ट में जानिए कांग्रेस और प्रशांत किशोर में आखिर क्या बातचीत हुई होगी पिछले कुछ दिनों में…
सोच इक शुरुआत है बदलाव की बात गलत होती नही बदलाव की सबकुछ होता नही है इक रात में करता…
भारत ऋषि-मुनियों, मनीषियों का देश रहा है। इसकी क्यारियों में विभिन्न धर्म, सम्प्रदाय एवं मान्यतायें पुष्पित, पल्लवित एवं विकसित हुई…