Category: साहित्य

साहित्य जगत से कविता, शेर, सायरी, गजल, और अन्य

भारतीय परिवारों की भौतिक आस्तियों में अतुलनीय वृद्धि दृष्टिगोचर है

किसी भी देश के लिए शुद्ध वित्तीय बचत की दर अधिक होना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा मापदंड माना जाता है…

सब मिले हुए हैं , घुस एक अधिकार है, भर्ष्टाचार कोई समस्या नहीं #shubhendukecomments

आजकल हम किसी सरकारी योजना या सरकार द्वारा दी गई भीख या सेवा पर ऊँगली नही उठाते जिसके लिए हम…

राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर कवि सम्मेलन का आयोजन

पटना, राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जयंती के अवसर पर चाणक्या ग्रुप आफ इंस्टिट्यूशन संस्थान के सभागार में बन्धु एंटरटेनमेंट…

भारत-पश्चिमी एशिया-यूरोप के मध्य नया आर्थिक गलियारा करेगा भारतीय संस्कृति का विस्तार

आज विश्व के कई देश विभिन्न प्रकार की राजनैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। जबकि भारत न…

भारत एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर

वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से आर्थिक क्षेत्र में, भारत आज अपने स्वर्णिम काल में प्रवेश कर गया है। जनसंख्या…