जिंदगी गुजर जाती है, चलते चलते
जिंदगी गुजर जाती है, चलते चलते, और ढूंढ़ ता रह जाता है इंसान, चंद लोग चलते चलते, फिर याद आता…
खबर और साहित्य
साहित्य जगत से कविता, शेर, सायरी, गजल, और अन्य
जिंदगी गुजर जाती है, चलते चलते, और ढूंढ़ ता रह जाता है इंसान, चंद लोग चलते चलते, फिर याद आता…
न मोटर साइकिल थी, न कार थी, जिंदगी साइकिल पर सवार थी, पर मजा बहुत था। न जीत थी,न हार…
मैं रुकूंगा नहीं, चाहे तू साथ दे, या न दे, ओ किस्मत, जब तक सांस हे, मैं झुकूंगा नहीं, थक…
कोई लड़ता है, लड़ने दो, मुझे क्या, कोई मरता है, मरने दो, मुझे क्या, अभी अभी एक बाप, बेटे को…
हर पल तड़पता हूं, तेरी याद में, हर पल तन्हाई है तेरे बिना, उस तन्हाई से गुजरता हूं मैं, तेरी…
This poem is about the dedication of an individual toward their goal. The goal can be their dream, love, career,…
This Poem is about the dream which I got as ambition and how society reacted to it. Ek Haseen Pal…
Shri Krishna Janmashtami Ke Katha | By Ankit Paurush #krishna #krishnajanmashtami #gokul #mathura Story of Shri Krishna Birth and cruelity…
This poem describes about selfishness. The person used to focus on his on greed and ignore others and eventually due…
अमृत महोतसव और अमृत काल किसके लिए आम जनता के लिए या फिर नेताओ और मंत्रियो के लिए ? 1947…