Category: Opinion

कालचक्र का बदलता स्वरूप अमेरिका में लगातार बिगड़ती आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति

विश्व में कई गतिविधियां एक चक्र के रूप में चलती रहती है। एक कालखंड के पश्चात चक्र कभी नीचे की…

“सनातन” हम सभी में सत्य प्रतिष्ठित “धर्माचरण” के रूप में विद्यमान है

लेखक : अवधेश झा सनातन ब्रह्म है। सनातन कालातीत है और सत्य ही सनातन है तथा आत्मा की तरह नित्य…

मेहंदी, इमली, बोनसाई, कैक्टस, खजूर, नींबू और आंवले के पौधे नकारात्मक ऊर्जा देती है

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 31 अगस्त,2024 :: आजकल की बयस्थ जिन्दगी में हमलोग हर वह चीज करना चाहते हैं, जिससे…

भगवान कृष्ण स्वयं कहते हैं – समस्त वृक्षों में मैं पीपल का वृक्ष हूं

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 26 अगस्त, 2024 :: भारतीय संस्कृति में पीपल देववृक्ष है, इसके सात्विक प्रभाव के स्पर्श से…

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: अपने “कृष्ण भाव” को प्रकट कीजिए

लेखक: अवधेश झा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव वास्तव में विशुद्ध आत्मा का ही उत्सव है। श्रीकृष्ण परब्रह्म स्वरूप परमात्मा आदि नारायण…