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#BiharPolitics #PanchayatElection #IndianDemocracy #PrashantKishor #NitishKumar #ConstitutionOfIndia #Opinion #AwareNews24

Bihar mein aaj ek naya loktantra chal raha hai.
Panchayat chunav ke liye 10th aur 12th pass hone ki shart,
lekin MLA aur MP banne ke liye koi qualification nahi.

Is video mein hum baat kar rahe hain:
👉 Panchayat mein padhai ki shart kyun?
👉 Kya ye loktantra ka sudhar hai ya majak?
👉 Kya Baba Saheb Ambedkar ke samvidhan mein likha tha ki padhai ke bina loktantra adhura hai?

Prashant Kishor ke panchayat politics aur
Nitish Kumar ke tughlaqi faislon par
ye ek Opinion video hai — bina script, bina sugar-coating.

Ye video kisi party ke paksh ya vipaksh mein nahi,
balki loktantra ke paksh mein hai.

Sochiye. Samjhiye. Phir faisla kijiye.

✍️ Opinion by Shubhendu Prakash
Aware News 24

By Aware News 24

100 खबरे भले ही छुट जाए, एक भी फेक न्यूज़ नही प्रसारित होना चाहिए। बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित समाचारों को कवर करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हम जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाते है, उसके बाद सरकार ने समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं। हम किसे के दबाब मे काम नही करते यह कलम और माइक का कोई मालिक नही, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं। निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे। आखिर ऐसा क्यों था? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का, अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो, जो दान देता है उसका संस्थान पर प्रभुत्व होता। मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो, जिससे कि भेद-भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल मे पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे। अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ! इसलिए हमने भी किसी के प्रभुत्व मे आने के बजाय, जनता के प्रभुत्व मे आना उचित समझा इसलिए भिक्षाम देहि । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm भिक्षाम देहि। हमें आप सभी सोशल मीडिया पर @awarenews24 के नाम से खोज सकते हैं फिर भी आपके सहूलियत के लिय लिंक निचे दिया जा रहा है। Aware News 24 channel other Links:- Follow us on: https://www.instagram.com/awarenews24/ Like Aware News 24 on Facebook: https://www.facebook.com/awarenews24/ Follow Aware News 24 on Twitter: https://www.twitter.com/awarenews24 Youtube पर Subscribe करें :- https://www.youtube.com/awarenews24 web:- https://www.awarenews24.com web:- http://minimetrolive.com For advertisements e-mail us at: awarenews24@awarenews24.com Editor Desk links Twitter:- https://twitter.com/shubhenduan24 Instagram :- https://www.instagram.com/shubhenduan24 Facebook:- https://www.facebook.com/shubhenduan24

One thought on “10th Fail, Nursery Admission aur Bihar Mein Loktantra Ka Mazaak | Prashant Kishor | Opinion”
  1. ✅ 1) कोई पूरा ख़ुलासा / क़ानूनी खंडन नहीं

    बिहार पंचायत चुनाव 2026 से जुड़ी कई चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही हैं कि
    “वार्ड पंच के लिए 10वीं, मुखिया/सरपंच के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है” — लेकिन यह घोषणा किसी आधिकारिक सरकारी notification या कानून में प्रकाशित नहीं की गई है।
    सोशल मीडिया पर इसका प्रचार मौजूद है, लेकिन सरकारी वेबसाइट/adhiniyam/gazette में यह नहीं दिख रहा।

    सरकार या राज्य निर्वाचन आयोग से जुड़ी official press release या Gazette से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि
    “यह निर्णय लागू है और प्रकाशित हो चुका है।”
    बल्कि आयोग ने कुछ अन्य भ्रमों के बारे में स्पष्टता दी है (जैसे आरक्षण, मतदान प्रक्रिया, आदि)।

    ✅ 2) राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने भ्रम पर क्लियर किया

    राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव से जुड़ी आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया पर भ्रम की स्थिति को स्पष्ट किया है, यह बताकर कि चुनाव नियम और आरक्षण कार्यवाही समयबद्ध और संविधान के तहत होगी।
    लेकिन शैक्षणिक योग्यता के दावों पर कोई explicit denial/notification नहीं मिला।

    🚫 3) सरकार/SEC ने सीधे खंडन क्यों नहीं किया?

    वेब पर पाया गया तथ्य यह है कि:

    🔹 सोशल मीडिया पर घूम रहे दावे में
    “नया शैक्षणिक योग्यता लागू हुआ”
    वायरल है, लेकिन

    🔹 राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार ने उसी सोशल मीडिया भ्रम पर कभी official clarification (ख़ुलासा / खंडन) जारी नहीं किया है — कम से कम सार्वजनिक रूप से Gazette/notification के रूप में।

    📌 Web-आधारित निष्कर्ष (fact-check summary)

    ✔ Social media posts में दावा है कि पंचायत चुनाव के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य होगी।
    ❌ Government / SEC ने उस दावे को अभी तक official khandan के रूप में प्रकाशित नहीं किया है।
    ✔ राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ अन्य भ्रमों (जैसे आरक्षण/मतदान प्रक्रिया) पर स्पष्टता दी है, पर शैक्षणिक योग्यता पर नहीं।

    👉 इसका मतलब है कि
    सरकार/SEC ने इस दावे पर कोई आधिकारिक खंडन या denial जारी नहीं किया है,
    लेकिन यह “सरकारी silence” यह नहीं दर्शाता कि दावा सही है।
    यह बस दर्शाता है कि कोई official published clarification अभी तक उपलब्ध नहीं है।

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