भगवद गीता के “भगवानुवाचः” श्लोक संग्रह में आज प्रस्तुत है 12वां श्लोक (अध्याय 2, श्लोक 20)।
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण आत्मा के शाश्वत स्वरूप को समझाते हैं —
आत्मा न जन्म लेती है, न मरती है।
👉 मुख्य संदेश:
• आत्मा अजन्मा और अमर है
• शरीर नश्वर है
• मृत्यु केवल शरीर का परिवर्तन है
📿 इस श्रृंखला में हम भगवान के द्वारा कहे गए सभी श्लोकों का संग्रह प्रस्तुत कर रहे हैं।
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