सर्दियों का आपके इलेक्ट्रिक वाहन पर पड़ सकता है बुरा असर, इन तरीकों से पाएं निजात

सर्दी आने के साथ देश की राजधानी के साथ-साथ कई राज्यों में तापमान बहुत ज्यादा गिर जाता है। लोगों को ठंड से परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है, साथ ही इसका सीधा असर वाहनों पर भी पड़ता है, जहां एक ओर नॉन-इलेक्ट्रिक (ICE) वाहन इंजन ऑयल के जमने के चलते दिक्कते आती हैं, वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles) में भी मौसम से अछूते नहीं रहते। इलेक्ट्रिक वाहन का दिल कहे जाने वाले विशाल बैटरी पैक इनके ज्यातर पार्ट्स को पावर देते हैं, लेकिन तापमान के गिरने का सीधा असर बैटरी पर पड़ता है, जो इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को परेशान करता है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पहले ही चेतावनी दे चुका है कि उत्तर भारत में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर रहा है और आने वाले समय में इससे भी ज्यादा गिर सकता है। ऐसे में न केवल ICE, बल्की इलेक्ट्रिक व्हीकल मालिकों के भी इस मौसम की मार से परेशान होने की संभावना पूरी है। EVs में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन बैटरी पैक ठंड के मौसम में कम कुशल माने जाते हैं।

रसायनशास्त्र की भाषा में समझें, तो लिथियम-आयन बैटरी पैक एनर्जी पैदा करने के लिए रासायनिक प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करते हैं, जैसे एनोड से कैथोड में जाना। यही वो प्रोसेस है, जो ज्यादा ठंड पड़ने पर धीमी हो जाती है, जिससे बैटरी की कुशलता में सीधा असर पड़ता है। बैटरी पैक पर ठंड का यह असर सीधा रेंज पर असर डालता है, यानी बैटरी को फुल चार्ज करने पर भी कम रेंज मिल सकती है।

TOI के अनुसार, अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन का शोध कहता है कि अत्यधिक ठंड की स्थिति में वाहन चलाते समय EVs अपनी रेंज का 12 प्रतिशत तक खो सकते हैं। जमने के तापमान पर पहुंचने में रेंज 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसके अलावा, ठंड के मौसम का EV के चार्जिंग टाइम पर भी प्रभाव पड़ता है और ये ठंड के हिसाब से 400 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। 

ऐसे में यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं और आजकल तेजी से गिर रहे तापमान में आपका इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर कम रेंज देता है या फुल चार्ज होने में समय लगाता है, तो आपको चिंतित होने की आवश्यक्ता नहीं है। हालांकि, ये समस्या केवल तापमान में भारी गिरावट के दौरान नोटिस होती हैं। यदि आपके इलेक्ट्रिक वाहन में रेंज या चार्जिंग की समस्या नॉर्मल तापमान में भी आती हैं, तो आपको उसे एक बार नजदीकी सर्विस सेंटर पर भी दिखाना चाहिए। इसके अलावा, कुछ निर्माता अपने वाहनों में इस तरह की समस्या से निपटने के लिए कई तरीके आजमाते हैं और साथ ही प्रोडक्शन से पहले बैटरी पैक को शून्य तापमान में भी टेस्ट किया जाता है।

रिपोर्ट कहती है कि यदि आप अपने ईवी का उपयोग कम दैनिक आवागमन के लिए करते हैं, तो अपना वाहन चलाने से पहले, हीटर चालू करें, खिड़कियों को डीफ्रॉस्ट करें और यदि वाहन में वेंटिलेटेड सीट्स हैं, तो उन्हें हीट करें। लिथियम-आयन बैटरी गर्म होने पर सबसे अच्छा काम करती हैं और ये तरीके बैटरी पैक को जल्दी गर्म होने में मदद करेंगे।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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