Huawei ने फेक ईयरफोन बेचने वालों पर कसा शिकंजा, कोर्ट ने दिया 4.81 करोड़ मुआवजे का आदेश

टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए फेक प्रोडक्ट्स परेशानी की वजह बन रहे हैं, क्योंकि उनकी वजह से ब्रांड की प्रतिष्ठा और मुनाफा दोनों प्रभावित होते हैं, जिसके चलते कंपनियों को भारी नुकसान होता है। हाल ही में Huawei ने उसके नाम से फेक ईयरफोन प्रोडक्ट बेचने वालों के खिलाफ कदम उठाया। इस मामले में अधिकारियों ने इसमें शामिल व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा Huawei ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लीगल एक्शन लिया और कंपनसेशन की मांग की।

Huawei ने केस दर्ज किया

Huawei ने हाल ही में फेक ईयरफोन बेचने वाले के खिलाफ केस दर्ज करवाते हुए सेल्स राइट्स और कॉपीराइट नियमों को तोड़ने के लिए कानूनी कार्रवाई की है। विक्रेता झांग मौमौ (Zhang Moumou) पर Huawei ब्रांड के नाम वाले फेक ईयरफोन बेचने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट के मुताबिक, झांग मौमौ ने इयरफोन के लिए प्रोडक्ट लिस्ट में कई जगहों पर हुवावे ब्रांड नाम का इस्तेमाल किया, जिन्हें असलियत में हुवावे द्वारा नहीं बनाया गया था। सबूतों से साफ होता है कि करीब 4.06 मिलियन युआन यानी कि 4,81,88,546 रुपये की कीमत वाले करीबन 3,30,000 फेक हुवावे ईयरफोन बेचे गए थे।

कोर्ट ने फैसला सुनाया कि प्रोडक्ट पर Huawei ब्रांड नाम के इस्तेमाल से ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन होता है। वहीं झांग मौमौ को आर्थिक नुकसान के लिए 4,03,000 युआन कंपनसेशन देने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने यह भी बताया है कि केस में शामिल लिंक के जरिए प्रोडक्ट पर हुवावे ब्रांड नाम का इस्तेमाल ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन करता है और ट्रेडमार्क पर हुवावे का अधिकार है।

इस केस में किसी का नाम इस्तेमाल करके फायदा कमाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब हुवावे ने अपने ब्रांड के तहत बेचे जा रहे फेक ईयरफोन के खिलाफ कार्रवाई की है। इस साल मई में कंपनी ने फेक हुवावे ईयरफोन बेचने के लिए एक वेबसाइट पर केस दर्ज किया और कंपनसेशन के तौर पर 1 मिलियन युआन हासिल किए।

अप्रैल में एक डिजिटल स्टोर को भी Huawei ब्रांड के तहत ईयरफोन बेचने के लिए 1,50,000 युआन का भुगतान करना पड़ा था। हुवावे अपनी प्रोडक्ट के नाम और अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी की सिक्योरिटी पर काफी ध्यान देती है। ऐसे में अगर कोई कंपनी केने अधिकारों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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