विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में कंपनी के हवाले से बताया गया है कि वह प्रोडक्शन जारी नहीं रख सकती और मार्च के बाकी हिस्से में प्लांट को बंद रखा जाएगा। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज को भेजे नोटिस में HACP ने कहा कि उसकी सप्लाई चेन में बड़ी रुकावट आई है और इस वजह से कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा है। HACP ने बताया, “पाकिस्तान की मौजूदा इकोनॉमिक स्थिति के चलते सरकार ने कड़े उपाय किए हैं। इनमें लेटर ऑफ क्रेडिट और कम्प्लीटली नॉक्ड डाउन (CKD) किट्स के इम्पोर्ट पर रोक लगाना शामिल है। इससे कंपनी की सप्लाई चेन में बड़ी रुकावट आई है। कंपनी प्रोडक्शन जारी रखने की स्थिति में नहीं है और इस वजह से प्लांट को 9 से 31 मार्च तक बंद रखा जाएगा।”
होंडा से पहले Pak Suzuki Motor Company (PSMC) और Indus Motor Company (IMC) ने भी अपनी फैक्टरियों को बंद करने की घोषणा की थी। पाकिस्तान की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इम्पोर्ट पर काफी निर्भर करती है और करेंसी के बहुत कमजोर होने और लेटर ऑफ क्रेडिट को लेकर बंदिशों के कारण इसे मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने CKD मॉडल्स की कीमतें बढ़ा दी हैं।
पाकिस्तान के पास लगभग 3.8 अरब डॉलर का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व बचा है जो एक महीने के इम्पोर्ट के लिए भी पर्याप्त नहीं है। पाकिस्तान सरकार ने कर्ज देने के लिए इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से गुहार लगाई है। हालांकि, इसके लिए उसे टैक्स और इलेक्ट्रिसिटी के रेट्स बढ़ाने जैसी कड़ी शर्तों को मानना होगा। IMF से पाकिस्तान को एक अरब डॉलर का फंड मिलने की संभावना है। पिछले कुछ महीनों से फ्यूल और बहुत से अन्य आइटम्स की कीमतें लगातार बढ़ने की वजह से पाकिस्तान के लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। पाकिस्तान पर IMF और कुछ देशों का अरबों डॉलर का कर्ज बकाया है, जिसके भुगतान पर डिफॉल्ट होने की भी आशंका है।
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