क्‍या वैश्‍विक मंदी (Global Recession 2022) की शुरुआत हो गई है। दुनियाभर की बड़ी कंपनियों में हुए छंटनियों के ऐलान ने यह सवाल खड़ा किया है। इस साल अगस्‍त महीने से बड़ी टेक कंपनियों में कर्मचारियों को निकाला जा रहा है। हाल में ट्विटर ने बड़ी संख्‍या में अपनी वर्कफोर्स में कटौती की है। इसकी एक वजह भले ही एलन मस्‍क (Elon Muak) का ट्विटर खरीदना हो सकता है, लेकिन फेसबुक की पैरंट कंपनी मेटा और एमेजॉन ने भी तो ऐलान किया है। दोनों ही कंपनियां हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्‍ता दिखाने जा रही हैं। कई और कंपनियां भी इसी फेहरिस्‍त में हैं। कुल मिलाकर इन बड़ी कंपनियों ने अबतक 50 हजार से ज्‍यादा नौकरियां कम कर दी हैं।    

सबसे पहले बात एमेजॉन (Amazon Layoffs 2022) की। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिग्गज रिटेल कंपनी ने अपने 10 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की बात कही है। बिक्री घटने से कंपनी पर लागत कम करने का दबाव बढ़ा है। वहीं, वैश्विक मंदी की आशंका को देखते हुए भी कंपनियों ने पहले ही छंटनी करना शुरू कर दिया है। 16 लाख से ज्‍यादा वर्कफोर्स वाली एमेजॉन में से 10 हजार लोगों की नौकरी जाना एक छोटा आंकड़ा भले हो सकता है, लेकिन अलग-अलग कंपनियों के फैसलों को इसमें जोड़ दिया जाए, तो एक बड़ा नंबर सामने आता है। 

मसलन, फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा (Meta layoffs) ने भी अपने 11 हजार कर्मचारियों को बाहर निकालने का फैसला लिया है। खुद मेटा के सीईओ और फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने यह जानकारी दी। उन्‍होंने इसे मेटा के इतिहास में सबसे कठिन बदलाव बताया। मेटा ने स्‍वीकारा है कि उसकी कमाई में गिरावट आई है। इसमें एक वजह वैश्विक मंदी की आशंका को भी माना जा रहा है।  

ट्विटर के फैसले को भी इसी नजरिए से जोड़कर देखें, तो उसने अपने 50 प्रतिशत स्थायी स्टाफ (लगभग 3,700 कर्मचारियों) को निकाला है। कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले 4,400 कर्मचारियों को भी हटाया गया है। दिग्‍गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी छंटनी की है और तीन बार में लगभग 3,000 कर्मचारी निकाले हैं।

Snapchat की पैरेंट कंपनी Snap में छंटनी की बात तो अगस्‍त में ही सामने आ गई थी। कंपनी ने लगभग 1250 वर्कफोर्स को घटाया है। साउथ ईस्ट एशिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी सी लिमिटेड (Sea Ltd) ने बीते 6 माह में 7 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को हटा दिया है। 

हार्डड्राइव बनाने वाली सीगेट (Seagate Technology) कह चुकी है कि वह लगभग 3,000 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रही है, जो कंपनी की कुल वर्कफोर्स का 8 फीसदी हैं। इस लिस्‍ट में क्रिप्‍टो क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को जोड़ दें, तो आंकड़ा 50 हजार के पार पहुंच जाएगा, क्‍योंकि क्रिप्‍टोकरेंसी (Cryptocurrency) का सेक्‍टर लगभग तबाह हो गया है। 
 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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