Ola, Uber, PharmEasy, Dunzo में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के लिए स्थितियां खराब 

ऐप के जरिए कैब सर्विसेज देने वाली Ola और Uber, ग्रॉसरी डिलीवरी ऐप Dunzo, फार्मेसी प्लेटफॉर्म PharmEasy और Amazon Flex में पार्टटाइम या Gig वर्कर्स के लिए स्थितियां खराब हैं। इन फर्मों को टेंपरेरी वर्कर्स के लिए कार्य की स्थितियों के आधार पर एक रेटिंग में सबसे कम स्कोर मिले हैं। 

Fairwork की टीम ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर 12 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की रेटिंग की है। दुनिया भर में Fairwork डिजिटल लेबर प्लेटफॉर्म्स में कार्य की स्थितियों का मूल्यांकन करती है। भारत के लिए Fairwork की इस वर्ष की रिपोर्ट में इन प्लेटफॉर्म्स का उचित वेतन, उचित स्थितियों, उचित कॉन्ट्रैक्ट्स, उचित मैनेजमेंट और उचित प्रतिनिधित्व के पांच बिंदुओं पर आकलन किया गया था। इसमें Amazon Flex, Dunzo, Ola, Uber और PharmEasy को 10 प्वाइंट में से शून्य मिला है। रिपोर्ट में कहा गया है, “इस वर्ष किसी प्लेटफॉर्म को अधिकतम 10 प्वाइंट में से सात से अधिक नहीं मिले हैं और किसी ने भी आकलन के पांच बिंदुओं में सभी शुरुआती प्वाइंट हासिल नहीं किए हैं।” 

इस रेटिंग में 12 प्लेटफॉर्म्स, Amazon Flex, Big Basket, Dunzo, Flipkart, Ola, PharmEasy, Porter, Swiggy, Uber, Urban Company, Zepto और Zomato का मूल्यांकन किया गया था। इस वर्ष की रेटिंग में Urban Company को सबसे अधिक सात प्वाइंट मिले हैं। इसके बाद बिग बास्केट (छह), फ्लिपकार्ट (पांच), स्विगी (पांच), जोमाटो (चार), जेप्टो (दो) और पोर्टर (एक) हैं। 

Swiggy के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। कंपनी इस महीने 250 से अधिक वर्कर्स की छंटनी कर सकती है। इसमें टेक्नोलॉजी, कस्टमर सर्विस और सप्लाई चेन डिविजंस से वर्कर्स को हटाया जा सकता है। इससे पहले स्विगी की कॉम्पिटिटर Zomato ने अपने लगभग तीन प्रतिशत स्टाफ को खराब प्रदर्शन के कारण हटाया था। एक मीडिया रिपोर्ट में स्विगी के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि स्विगी अपने सभी फंक्शंस में वर्कर्स की संख्या घटाना चाहती है। कंपनी की रिस्ट्रक्चरिंग पर एडवाइज देने के लिए एक कंसल्टिंग फर्म को नियुक्त किया गया है। छंटनी में टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और कस्टमर सर्विस से वर्कर्स को हटाया जा सकता है। हाल ही में स्विगी ने वर्कर्स को प्रदर्शन के आधार पर वर्कर्स को निकालने की जानकारी दी थी। पिछले महीने ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने देश में अपनी फूड डिलीवरी बंद करने का फैसला किया था। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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