590 फुट का एस्ट्रॉयड 50 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से बढ़ रहा धरती की ओर! NASA ने कहा- 2 दिन बाद बड़ा खतरा!

अंतरिक्ष अनंत है और इसका माप करना अभी मानव के हाथ में नहीं है। लेकिन पिछले कुछ सालों में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने नई जेनरेशन के टेलीस्कोप अवश्य ईजाद कर लिए हैं जिनकी मदद से अब अंतरिक्ष में लाखों वर्ष दूर तक पहुंचा जा सकता है। वैज्ञानिक बताते आए हैं कि ग्रहों और तारों के अलावा हमारे अंतरिक्ष में बहुत सी ऐसी खगोलीय वस्तुएं हैं जिनके बारे में हम अभी बहुत कम जानते हैं। इनमें से एस्टरॉयड भी एक है। ये ऐसे खगोलीय पिंड हैं जो लगातार हमारे सौरमंडल में चक्कर काटते रहते हैं। 

पिछले कई महीनों से एस्ट्रॉयड लगातार धरती के करीब से होकर गुजर रहे हैं। हाल ही में कई एस्टरॉयड धरती की ओर अपना रुख करके निकल चुके हैं। अंतरिक्ष में घूमते उल्का पिंड या एस्टरॉयड, अंतरिक्ष एजेंसियों के अनुसार, धरती के चारों ओर मंडराता खतरा हैं। इन्हें लघु ग्रह या छोटे ग्रह भी कहा जाता है। स्पेस एजेंसी NASA ने फिर से एक बड़े एस्टरॉयड के धरती के करीब आने की सूचना जारी की है। 

अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने 509 फुट के एक विशालकाय उल्का पिंड के धरती के करीब आने की चेतावनी जारी की है। इसका नाम CM 2023 बताया गया है। यह एस्ट्रॉयड 14 मार्च 2023 यानि कि आज से 2 दिन बाद धरती के सबसे करीब होगा। नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (Jet Propulsion Laboratory (JPL) के मुताबिक, यह उल्का पिंड जब धरती के सबसे नजदीक होगा, तब इसकी दूरी 24,50,000 किलोमीटर होगी। यह एस्ट्रॉयड एक बड़ी बिल्डिंग के साइज का बताया गया है। 

एस्ट्रॉयड CM 2023 को पहली बार 2 फरवरी 2023 को देखा गया था। नासा के अनुसार, यह उल्का पिंड धरती की ओर 50,472 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। एजेंसी कहती है कि आमतौर पर उल्का पिंड की रफ्तार 25 हजार से 40 हजार किलोमीटर प्रति घंटा रहती है लेकिन इसकी स्पीड बहुत हैरान करने वाली है जो कि 50 हजार किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा है। 

नासा ने कहा है कि अगर इतने बड़े साइज का कोई एस्ट्रॉयड धरती से टकराता है तो यह पृथ्वी के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन अंतरिक्ष एजेंसी ने ये भी कहा है कि उल्का पिंड के धरती से टकराने की संभावना 600 में से 1 होती है। नासा की चेतावनी को मानें तो खतरा बड़ा है। पिछले कई महीनों से उल्का पिंड लगातार धरती के पास से गुजर रहे हैं। उल्का पिंड के धरती के ओर आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसलिए उल्का पिंड से जुड़े संभावित खतरे को पूरी तरह से नकारा भी नहीं जा सकता है। 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *