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Bihar mein aaj ek naya loktantra chal raha hai.
Panchayat chunav ke liye 10th aur 12th pass hone ki shart,
lekin MLA aur MP banne ke liye koi qualification nahi.
Is video mein hum baat kar rahe hain:
👉 Panchayat mein padhai ki shart kyun?
👉 Kya ye loktantra ka sudhar hai ya majak?
👉 Kya Baba Saheb Ambedkar ke samvidhan mein likha tha ki padhai ke bina loktantra adhura hai?
Prashant Kishor ke panchayat politics aur
Nitish Kumar ke tughlaqi faislon par
ye ek Opinion video hai — bina script, bina sugar-coating.
Ye video kisi party ke paksh ya vipaksh mein nahi,
balki loktantra ke paksh mein hai.
Sochiye. Samjhiye. Phir faisla kijiye.
✍️ Opinion by Shubhendu Prakash
Aware News 24

✅ 1) कोई पूरा ख़ुलासा / क़ानूनी खंडन नहीं
बिहार पंचायत चुनाव 2026 से जुड़ी कई चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही हैं कि
“वार्ड पंच के लिए 10वीं, मुखिया/सरपंच के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है” — लेकिन यह घोषणा किसी आधिकारिक सरकारी notification या कानून में प्रकाशित नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर इसका प्रचार मौजूद है, लेकिन सरकारी वेबसाइट/adhiniyam/gazette में यह नहीं दिख रहा।
सरकार या राज्य निर्वाचन आयोग से जुड़ी official press release या Gazette से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि
“यह निर्णय लागू है और प्रकाशित हो चुका है।”
बल्कि आयोग ने कुछ अन्य भ्रमों के बारे में स्पष्टता दी है (जैसे आरक्षण, मतदान प्रक्रिया, आदि)।
✅ 2) राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने भ्रम पर क्लियर किया
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव से जुड़ी आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया पर भ्रम की स्थिति को स्पष्ट किया है, यह बताकर कि चुनाव नियम और आरक्षण कार्यवाही समयबद्ध और संविधान के तहत होगी।
लेकिन शैक्षणिक योग्यता के दावों पर कोई explicit denial/notification नहीं मिला।
🚫 3) सरकार/SEC ने सीधे खंडन क्यों नहीं किया?
वेब पर पाया गया तथ्य यह है कि:
🔹 सोशल मीडिया पर घूम रहे दावे में
“नया शैक्षणिक योग्यता लागू हुआ”
वायरल है, लेकिन
🔹 राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार ने उसी सोशल मीडिया भ्रम पर कभी official clarification (ख़ुलासा / खंडन) जारी नहीं किया है — कम से कम सार्वजनिक रूप से Gazette/notification के रूप में।
📌 Web-आधारित निष्कर्ष (fact-check summary)
✔ Social media posts में दावा है कि पंचायत चुनाव के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य होगी।
❌ Government / SEC ने उस दावे को अभी तक official khandan के रूप में प्रकाशित नहीं किया है।
✔ राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ अन्य भ्रमों (जैसे आरक्षण/मतदान प्रक्रिया) पर स्पष्टता दी है, पर शैक्षणिक योग्यता पर नहीं।
👉 इसका मतलब है कि
सरकार/SEC ने इस दावे पर कोई आधिकारिक खंडन या denial जारी नहीं किया है,
लेकिन यह “सरकारी silence” यह नहीं दर्शाता कि दावा सही है।
यह बस दर्शाता है कि कोई official published clarification अभी तक उपलब्ध नहीं है।