बक्सर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: बीजेपी के मिथलेश तिवारी और राजद के सुधाकर सिंह मुख्य रूप से होंगे आमने सामनेबक्सर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: बीजेपी के मिथलेश तिवारी और राजद के सुधाकर सिंह मुख्य रूप से होंगे आमने सामने

1952 में पहले लोकसभा चुनाव के दौरान बक्सर को शाहाबाद उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र कहा जाता था, और 1957 तक इसे इसका वर्तमान नाम बक्सर नहीं मिला।

बक्सर लोकसभा क्षेत्र: बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से एक, बक्सर को 1952 में पहले लोकसभा चुनाव के दौरान शाहाबाद उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र कहा जाता था, और 1957 तक इसे अपना वर्तमान नाम बक्सर नहीं मिला। . बिहार के पूर्वी क्षेत्र में स्थित, इसकी सीमा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के साथ-साथ रोहतास और कैमूर जिलों से लगती है। कर्मनाशा और गंगा नदियाँ उनकी प्राकृतिक सीमाएँ चिह्नित करती हैं।

बक्सर लोकसभा क्षेत्र में छह विधानसभा सीटें शामिल हैं, जिनमें ब्रह्मपुर, बक्सर, डुमरांव, राजपुर, रामगढ़ और दिनारा शामिल हैं। शुरुआती वर्षों में इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा. हालाँकि, 1991 के बाद, भाजपा ने चुनौती का सामना किया और 2014 और 2019 के चुनावों सहित अगले आठ लोकसभा चुनावों में से सात में जीत हासिल करके खेल का मैदान बराबर कर लिया।

 

बक्सर लोकसभा क्षेत्र से प्रमुख उम्मीदवार:

मिथिलेश तिवारी
सुधाकर सिंह (राजद)

 

 

जहां बीजेपी ने पूर्व विधायक पर भरोसा करने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर, राजद ने रामगढ़ से मौजूदा विधायक और बिहार के पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह को बक्सर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है । सिंह मौजूदा शासन के खिलाफ मुखर रहे हैं और मौजूदा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी (Anti-Incompancy) लहर का कार्ड खेल रहे हैं, सुधाकर सिंह स्थानीय मुद्दे और काम को लेकर मौजूदा सासंद श्री अश्वनी कुमार चौबे पर गायब रहने तथा कोई भी दाइत्व नहीं निभाने का भी आरोप लगाते हैं । सुधाकर सिंह शुरू से क्षेत्र में लोगो से मिलना जुलना तथा लोगो की समस्या को सुनने और उसके निदान के लिए लोगो तक पहुंचते नजर आते है । वही दूसरी तरफ भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है श्री सिंह अब बाहरी बनाम क्षेत्रीय का भी कार्ड खेलते नजर आ हैं “हमारा नेता हमारे बिच का होना चाहिए” इसकी भी हवा बनाने में श्री सुधाकर सिंह कामयाब नजर आते हैं।  वह राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे भी हैं, जिससे उन्हें बड़े मंचों पर प्रदर्शन करने के बारे में पृष्ठभूमि का ज्ञान भी मिलता है।

वही NDA समर्थित  श्री  मिथिलेश तिवारी गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार 2015 में विधानसभा पहुंचे थे। मार्च के अंतिम हफ्ते से (जब उनका ऐलान बक्सर लोकसभा सिट से हुआ) ही श्री तिवारी एड़ी चोटी का जोड़ लगाते नजर आते हैं जनसंपर्क चाय पर चर्चा लोगो तक पहुच बनाते भी नजर आते हैं।

भाजपा के लिए यह सिट बचाना नामुमकिन सा प्रतीत होता है शुरुआत में ही कुछ स्थानीय मुद्दे और कुछ ऐसी घटनाएं लोकसभा क्षेत्र में हुई है जिससे यह सिट INDIA गठबंधन के खाते में नज़र आती दिख रही है। जहाँ india गठबंधन ने शुरू से ही अपनी मंसा साफ़ कर दी थी श्री  सिंह को रण में उताकर तो वही बीजेपी ने अपना उम्मीदवार ही बदल डाला पिछले आकड़ो पर अगर गौर किया जाए तो श्री जगदानंद सिंह मोदी लहर होने के वावजूद भी महज 11.9 फीसदी से हारे थे इस बार मामला कुछ अलग इस बार मोदी वेव दिखाई नही पड़ता प्रथम चरण के चुनाव तो कुछ इसी और संकेत दे रहे हैं ।

 

बहरहाल राजनीति और क्रिकेट में कुछ भी असम्भव नही ।

2024 लोकसभा चुनाव के लिए बक्सर में मतदान अंतिम चरण में यानी शनिवार 1 जून को होगा.

By Shubhendu Prakash

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