Mint के अनुसार, Drishti Marine का Aurus रोबोट आपातकालीन परिस्थितियों में पेट्रोलिंग से लेकर बहुभाषी नोटिफिकेशन्स प्रदान करने का काम करेगा। इसके अलावा, AI बॉट में 100 किलो का पेलोड ले सकता है, इसलिए इसका इस्तेमाल लॉजिस्टिक सपोर्ट व्हीकल के रूप में भी किया जा सकता है। इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि ऑरस ने तट के साथ लगभग 130 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 110 घंटे का स्वायत्त कार्य पूरा कर लिया है।
रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ समय से गोवा में समुद्र तट से संबंधित घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में, तटीय क्षेत्र में बचाव की 1,000 से अधिक घटनाएं देखी गई हैं। हालांकि, अब इनमें गिरावट आने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों रोबोट AI-मॉनिटरिंग कैमरा-आधारित सिस्टम से लैस हैं, जो निगरानी करने में सक्षम हैं, जोखिमों का आकलन और पता लगा सकते हैं, ऑन-ड्यूटी लाइफ गार्ड के साथ रियल-टाइम जानकारी शेयर कर सकते हैं।
ऑरस के साथ, ट्राइटन एआई सिस्टम का मुख्य काम नॉन-स्विम जोन की पूरी तरह से एआई-आधारित निगरानी प्रदान करना होगा, जिससे पर्यटकों को खतरे के प्रति सचेत किया जा सके और निकटतम लाइफसेवर को सूचित किया जा सके। यह समुद्र तटों की व्यापक कवरेज प्रदान करने के लिए ऑरस के साथ मिलकर काम करेगा। यह उच्च ज्वार (हाई टाइड) के दौरान और खतरे वाले क्षेत्रों में पानी में प्रवेश करने वाले पर्यटकों की पहचान करने में लाइफ गार्ड की मदद करेगा।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
