क्या आपने सोचा है कि 19वीं शताब्दी में केरल में महामारियों को कैसे नियंत्रित किया गया था?
या दो सदी पहले राज्य में शिक्षा व्यवस्था कैसी थी?
केरल में हाल ही में उद्घाटन किया गया ताड़ के पत्तों का पांडुलिपि संग्रहालय राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास की ऐसी आकर्षक कहानियां बताता है
तिरुवनंतपुरम में सदियों पुराने केंद्रीय अभिलेखागार भवन के अंदर स्थित, संग्रहालय ताड़ के पत्ते, तांबे और बांस की पांडुलिपियों का एक क्यूरेटेड चयन दिखाता है जो 13 वीं शताब्दी की हैं।
ये पांडुलिपियां कई तरह की कहानियां बताती हैं
जैसे, केरल में लेखन का विकास; 17वीं सदी में संपत्ति के समझौते कैसे किए गए; मौत की सजा पाए अपराधी की अंतिम इच्छा पूरी करने का शाही फरमान
वीडियो: अश्विन वीएन
रिपोर्टिंग: अपर्णा नायर और अश्विन वीएन
प्रोडक्शन : गायत्री मेनन
वॉयसओवर: अभिनय श्रीराम
