सत्ता से बाहर रहने वाली कांग्रेस, सत्ता में रहने वाली कांग्रेस से अधिक खतरनाक

पटना, मई 18, 2021: कांग्रेस के टूलकिट के आज हुए खुलासे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने आज फेसबुक के जरिये कांग्रेस पर करारा हमला किया.

पोस्ट के साथ टूलकिट की प्रतियां अटैच करते हुए उन्होंने लिखा कि :-

“इन पंक्तियों को पढ़ें

– ईद खुशियों का त्यौहार, कुंभ कोरोना का सुपर स्प्रेडर बताएं
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्र्रूवल रेटिंग उच्चस्तर की यही वो मौका है, जब उनके व्यक्तित्व व छवि को धूमिल किया जाए
– भारत को बदनाम करने के लिए कोरोना के ‘इंडियन स्ट्रेन’ या ‘मोदी स्ट्रेन’ शब्दावली का बार-बार प्रयोग करें
– अमित शाह के लिए ‘मिसिंग’, एस जयशंकर के लिए ‘क्वारनटाइण्ड’, राजनाथ सिंह के लिए ‘साइडलाइंड’ और निर्मला सीतारमण के लिए ‘संवेदनहीन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करें
– आसपास के अस्पतालों में कुछ बेड्स व अन्य सुविधाएँ पहले से ही ब्लॉक कर के रखें, जिन्हें अपने नेताओं के निवेदन पर ही मुक्त किया जाए
– IYC के हैंडल को टैग न करने वाले पीड़ितों को कोई प्रतिक्रिया न दी जाए।
– पत्रकारों, प्रभावशाली लोगों और मीडिया के लोगों की ‘मदद’ को प्राथमिकता दें
– ऐसे ट्विटर हैंडल्स बनाए, जो देखने में मोदी समर्थक लगे, फिर उन हैंडलों से सरकार की आलोचना करनी है
– विदेशी मीडिया में पीएम मोदी के खिलाफ लेखों को जम कर शेयर करने को कहा गया है।
– अंतरराष्ट्रीय मीडिया और ‘दोस्त पत्रकारों’ के साथ साँठगाँठ कर नैरेटिव को आगे बढ़ाएं
– ‘बुद्धिजीवियों और विचारकों’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्दों और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करवाएं

धूर्तता और ओछेपन में कांग्रेस का पूरे विश्व में कोई मुकाबला नहीं है. ऐसे ही नहीं कहते कि सत्ता से बाहर रहने वाली कांग्रेस, सत्ता में रहने वाली कांग्रेस से अधिक खतरनाक होती है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल का फेसबुक पोस्ट

ऊपर लिखी लाइनें कांग्रेस की ‘टूलकिट’ की हैं. टूलकिट यानी एक सुनियोजित योजना जिसकी हर लाइन में आपदा में राजनीतिक अवसर तलाशने की कांग्रेसी मक्कारी टपकती हुई दिखाई पड़ती है. इस महामारी से मर रहे लोगों की लाशों में भी फायदा देखने वाली यह पार्टी सत्ता में आने के लिए किस हद तक गिर सकती है, उसकी झलक इस टूलकिट के एक-एक हर्फ में दिखाई देती है.

इस पार्टी और इसके खेवनहारों के प्रति मन घृणा से बजबजा उठता है. आखिर क्या हो गया है इस पार्टी को??

राजनीति करनी है तो करिए लेकिन देश के मान और जनता की जान को तो दांव पर मत लगाइए. नाम लेंगे गाँधी का और काम गिद्धों वाला!!

वास्तव में कांग्रेस पार्टी अब देश के लिए खतरनाक हो चुकी है. टूलकिट में कुंभ और ईद पर दिए गये इनके निर्देशों को पढ़िए तो साफ़ नजर आ जाता है कि एक अंग्रेज द्वारा स्थापित इस पार्टी ने अभी भी ‘बांटो और राज करो’ की नीति को नहीं छोड़ा है.

टूलकिट में लोगों की मदद के नाम पर आपदा की इस घड़ी में ‘मित्र अस्पतालों’ में बेड ब्लॉक रखना, जो इन्हें टैग न करें उसकी कोई मदद न करना, मीडिया व प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देने जैसे निर्देश इस पार्टी के मानसिक दिवालियापन का जीवंत सबूत है.

साजिशों से भरे इस टूलकिट में बताया गया है कि जिस तरह विदेशी मीडिया और उनके पत्रकार लगातार जलती चिताओं और लाशों की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, कुछ वैसा ही जोर-शोर से करना है. साथ ही ऐसे ‘नाटकीय’ तस्वीरें स्थानीय पत्रकारों को उपलब्ध कराने को निर्देशित किया गया है. इनकी अमानवीयता का इससे बड़ा उदहारण और क्या सकता है!!

इसमें ‘पीएम केयर्स फंड’ पर सवाल खड़े करने के लिए सिविल सर्वेंट्स से आवाज़ उठवाने की बात की गई है. यह भी स्वीकार किया गया है कि छत्तीसगढ़, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में ‘पीएम केयर्स फंड’ से भेजे गए वेंटिलेटर्स बिना प्रयोग किए पड़े हुए हैं, जिसे काटने के लिए झूठ बोलने की सलाह दी गई है.

इस टूलकिट को पढ़ें तो एकबारगी यह विश्वास ही नहीं होता कि संकट की इस घड़ी में देश का कोई राजनीतिक दल अपनी राजनीति चमकाने के लिए इतने निचले स्तर तक गिर सकता है. इन्हें लगता है कि पिछले 7 वर्षों में जो काम इनका झूठ और दुष्प्रचार न कर पाया वह काम कोविड की आपदा कर देगी.

अब समझ में आता है कि किसान, सीएए को लेकर चले फर्जी आन्दोलनों में नये नये ट्विटर हैंडल्स की बाढ़ कैसे आ रही थी. कैसे फर्जी हैंडल्स के माध्यम से हिन्दू बनाम मुस्लिम, हिन्दू बनाम सिख, ऊँची जात बनाम नीची जात जैसे वैमन्स्यकारी नैरेटिव सेट किये जा रहे थे. क्यों पत्रकारों का एक गिरोह इनकी हर झूठी बात को तोड़े-मरोड़े तथ्यों के आधार पर सच साबित करने पर लगा रहता है, यह सारी बातें इस टूलकिट को देखने मात्र से स्पष्ट हो जाती हैं.

वास्तव में अब तो ऐसा प्रतीत होता है कि जिस प्रकार से कांग्रेस शासित राज्यों से कोरोना की इस दूसरी लहर का पूरे देश में प्रसार हुआ है, वह भी संयोग नहीं बल्कि इनका प्रयोग हो!!”

#CongressToolkitExposed

By Shubhendu Prakash

Shubhendu Prakash – Hindi Journalist, Author & Founder of Aware News 24 | Bihar News & Analysis Shubhendu Prakash एक प्रतिष्ठित हिंदी पत्रकार, लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो Aware News 24 नामक समाधान-मुखी (Solution-Oriented) न्यूज़ पोर्टल के संस्थापक और संचालक हैं। बिहार क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक विश्लेषण के लिए उनका नाम विशेष रूप से जाना जाता है। Who is Shubhendu Prakash? शुभेंदु प्रकाश 2009 से सक्रिय पत्रकार हैं और बिहार के राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी विषयों पर गहन रिपोर्टिंग व विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे “Shubhendu ke Comments” नाम से प्रकाशित अपनी विश्लेषणात्मक टिप्पणियों के लिए भी लोकप्रिय हैं। Founder of Aware News 24 उन्होंने Aware News 24 को एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में विकसित किया है जो स्थानीय मुद्दों, जनता की समस्याओं और समाधान-आधारित पत्रकारिता को प्राथमिकता देता है। इस पोर्टल के माध्यम से वे बिहार की राजनीति, समाज, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और डिजिटल विकास से जुड़े मुद्दों को सरल और तार्किक रूप में प्रस्तुत करते हैं। Editor – Maati Ki Pukar Magazine वे हिंदी मासिक पत्रिका माटी की पुकार के न्यूज़ एडिटर भी हैं, जिसमें ग्रामीण भारत, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता की जाती है। Professional Background 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कार्य 2012 से सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं में अनुभव 2020 के बाद पूर्णकालिक डिजिटल पत्रकारिता पर फोकस Key Expertise & Coverage Areas बिहार राजनीति (Bihar Politics) सामाजिक मुद्दे (Social Issues) लोकल जर्नलिज़्म (Local Journalism) टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया पब्लिक इंटरेस्ट जर्नलिज़्म Digital Presence शुभेंदु इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय हैं, जहाँ वे Aware News 24 की ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और जागरूकता-उन्मुख पत्रकारिता साझा करते हैं।

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