सीतारमण ने बजट 2023 की 7 प्राथमिकताओं को बताया 'सप्तऋषि'


जैसा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में अपना बजट 2023 भाषण शुरू किया, उन्होंने बजट 2023 की सात प्राथमिकताओं को रेखांकित किया और उन्हें ‘सप्तऋषि’ कहा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट 2023 का उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन है। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान के तहत, पारंपरिक कारीगरों को पहली बार सहायता का एक पैकेज मिलेगा जो उनके उत्पादों की गुणवत्ता, पैमाने और पहुंच को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि पैकेज में वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल, हरित तकनीक, ब्रांड प्रचार, डिजिटल भुगतान, सामाजिक सुरक्षा आदि शामिल होंगे।

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Budget 2023: ये हैं 7 प्राथमिकताएं

1. समावेशी विकास

2. अंतिम मील तक पहुँचना

3. बुनियादी ढांचा और निवेश

4. क्षमता को उजागर करना

5. हरी वृद्धि

6. युवा शक्ति

7. वित्तीय क्षेत्र

जैसा कि निर्मला सीतारमण ने प्रत्येक प्राथमिकता के बारे में बताया, उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के विकास को सुनिश्चित करने के लिए समावेशी विकास की दिशा में काम किया है। निर्मला सीतारमण ने प्रधान मंत्री आवास योजना में 66% की वृद्धि को 79,000 करोड़ से अधिक करने की घोषणा की। निर्मला ने घोषणा की कि पूंजी निवेश परिव्यय 33% बढ़कर 10 लाख करोड़ हो गया।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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