भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यूपीआई भुगतान सुविधा का अनावरण किया


भारतीय रिजर्व बैंक ने घोषणा की है कि भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री देश में रहने के दौरान एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके स्थानीय भुगतान कर सकेंगे। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, यह सुविधा आज से ही प्रभावी हो गई है।

बयान के मुताबिक, जी-20 देशों के यात्रियों के लिए यह सुविधा नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर उपलब्ध है।

G20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, यूएस और यू.एस. यूरोपीय संघ (ईयू)।

यात्रियों को प्रीपेड भुगतान उपकरण (पीपीआई) वॉलेट जारी किए जाएंगे जो भुगतान करने के लिए यूपीआई से जुड़े होंगे।

G20 देशों के प्रतिनिधि बैठक स्थलों पर भी इस UPI सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यूपीआई से जुड़े वॉलेट निजी ऋणदाताओं आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के साथ-साथ पाइन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड और ट्रांसकॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड नामक दो गैर-बैंक पीपीआई जारीकर्ताओं द्वारा जारी किए जाएंगे।

आरबीआई के बयान में कहा गया है, “भारत आने वाले यात्री अब पूरे भारत में पांच करोड़ से अधिक मर्चेंट आउटलेट्स पर यूपीआई भुगतान की सुविधा का अनुभव कर सकते हैं, जो क्यूआर कोड-आधारित यूपीआई भुगतान स्वीकार करते हैं।”

केंद्रीय बैंक का कदम ऐसे दिन आया है जब भारत और सिंगापुर ने अपने वास्तविक समय के डिजिटल भुगतान सिस्टम को जोड़ने का अनावरण किया। इस कदम का उद्देश्य सस्ता और सुरक्षित सीमा पार प्रेषण की सुविधा प्रदान करना और सिंगापुर में भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों को लाभान्वित करना है।

इस विचार की कल्पना के पांच साल बाद, सिंगापुर के PayNow और भारत के UPI को जोड़ना भारत के लिए पहला क्रॉस-बॉर्डर व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान लिंक है और शहर राज्य के लिए दूसरा है।


By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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