इंसान पड़ा ज़मीन पर
इंसान पड़ा ज़मीन पर, लोग समझे मर गया, अब तक था सफर में, अब वो अपने घर गया । जीने…
खबर और साहित्य
विचारों पर मंथन , क्या सही क्या गलत ? कौन सा दृष्टिकोण सही कौन सा गलत ? इन्ही विषयों पर मंथन |
इंसान पड़ा ज़मीन पर, लोग समझे मर गया, अब तक था सफर में, अब वो अपने घर गया । जीने…
हाँ हक़ीक़त है ये , मज़ाक जैसी लगती है, भीड़ में भी , तन्हाईयों की महफिल सजती है, कैसी है…
राष्ट्र भक्ति के जज्बे एवं आध्यात्म में रची बसी राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने राजघराने की आराम भरी जिंदगी को न…
अक्तूबर 11, 1916 की वह शरद पूर्णिमा की रात। उस रात महाराष्ट्र के परभणी जिले के हिंगोली तालुका के कडोली…
लेखक – मुरली मनोहर श्रीवास्तव “जेपी आंदोलन के से देश में हलचल पैदा हुई और 1977 में हुए चुनाव में…
लेखक – डॉ.आनंद सिंह राणा, श्रीजानकीरमण महाविद्यालय शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा (कौन जागता है..क्योंकि माँ लक्ष्मी आज गृह प्रवेश करती…
लेखक – डॉ. आनंद सिंह राणा, श्रीजानकीरमण महाविद्यालय ‘वीरांगना परम आदरणीय, दुर्गा भाभी’ : तथाकथित सुनहरे इतिहास के पन्नों में…
सुरेंद्र किशोर जी, वरिष्ठ पत्रकार के लेख इतिहासकार राम चंद्रं गुहा कहते हैं कि ‘‘वंशवाद के लिए नेहरू कतई दोषी…
लेखक – डॉ आनंद सिंह राणा विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग श्री जानकी रमण महाविद्यालय जबलपुर “मृत्यु तो सभी को आती है…
अर्जुन कृष्ण प्रसंग:- कलयुग मे अराजकता क्या होता है ?
अर्जुन कृष्ण प्रसंग कलयुग मे ! अर्जुन :- अराजकता की स्थिती क्या होती है ? और ये कब बन जाता…