सूर्य में हलचलों का दौर जारी है। हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा तारा बीते कुछ समय से अजीबोगरीब व्‍यवहार कर रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) अपनी चेतावनी में बता चुकी है कि विशाल सौर विस्‍फोटों के बार-बार होने की संभावना है। यह विस्‍फोट और इनमें बढ़ोतरी साल 2025 तक जारी रहेगी। इसकी वजह से सैटेलाइट्स और अंतरिक्ष यात्रियों पर असर पड़ सकता है। अब जानकारी मिली है कि सूर्य की सतह पर घने चुंबकत्व वाले क्षेत्र से अचानक एक और सोलर फ्लेयर (solar flare) बाहर निकला। इसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कुछ हिस्सों में अस्थायी रेडियो ब्लैकआउट हो गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने M5-क्लास वाले मीडियम-स्ट्रेंथ के सोलर फ्लेयर को रिकॉर्ड किया। जानकारी के अनुसार यह फ्लेयर 6 नवंबर को सूर्य पर बने एक सनस्‍पॉट से बाहर निकला। इसकी वजह से रेडिएशन निकला, जिसने पृथ्वी के वायुमंडल को आयनित (ionized) कर दिया।

सनस्पॉट, सूर्य की सतह पर ऐसे डार्क रीजन होते हैं, जहां इलेक्ट्रिकल चार्ज के प्रवाह से बनने वाले पावरफुल चुंबकीय क्षेत्र (magnetic fields) टूटने से पहले गांठों में बंध जाते हैं। बताया जाता है कि जिस सनस्‍पॉट से सोलर फ्लेयर बाहर निकला, उसी से एक कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) भी निकला था, लेकिन इसका टार्गेट पृथ्‍वी नहीं थी। 

सोलर फ्लेयर अप्रत्याशित रूप से भड़का, जिसने वैज्ञानिकों को आश्चर्य में डाल दिया। SpaceWeatherLive ने ट्विटर पर बताया है कि हमें खेद है कि इस घटना के लिए कोई अलर्ट नहीं था। सोलर फ्लेयर का भड़कना एक आवेग था। सोलर फ्लेयर्स को आसान भाषा में समझना हो तो जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, तब उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। ये हमारे सौर मंडल के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं, जिनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। 

वहीं, CME सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड में फैल जाते हैं। अंतरिक्ष में घूमने की वजह से इनका विस्‍तार होता है और अक्‍सर यह कई लाख मील की दूरी तक पहुंच जाते हैं। कई बार तो यह ग्रहों के मैग्‍नेटिक फील्‍ड से टकरा जाते हैं। जब इनकी दिशा की पृथ्‍वी की ओर होती है, तो यह जियो मैग्‍नेटिक यानी भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। 

सोलर एक्टिविटीज को वैज्ञानिकों ने साल 1775 से ट्रैक किया है। सूर्य का 11 साल का चक्र होता है, जिसमें इसकी गतिविधियां बढ़ती और कम होती हैं। हाल के समय में सौर गतिविधियां एक्‍स्‍ट्रीम रही हैं। इस वजह से रेडियो ब्‍लैकआउट तो हुए ही हैं, सैटेलाइट्स पर भी असर पड़ा है। शानदार ऑरोरा भी देखने को मिले हैं।  
 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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