तालिबान शाषित अफगानिस्तान को मिली पहली सुपरकार, मॉडिफाइड Toyota इंजन से है लैस

अफगानिस्तान को देश की पहली सुपरकार मिली है, जिसका नाम Mada 9 है। इस सुपरकार ने समूचे देश में और साथ ही ग्लोबल मीडिया में भी सुर्खिया बटोर ली हैं, क्योंकि जैसे हालात पिछले कुछ समय में अफगानिस्तान में रहे हैं, उसमें देश में सीधा एक सुपरकार का लॉन्च होने की खबर निश्चित तौर पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने का काम करती है। तालिबान शासित अफगानिस्तान की यह पहली सुपरकार Toyota के फोर-सिलेंडर, 1.8-litre DOHC 16-Valve VVT-i इंजन से लैस है।

अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के मुताबिक, Mada 9 कार डिजाइन स्टूडियो ENTOP और काबुल के अफगानिस्तान टेक्निकल वोकेशनल इंस्टीट्यूट (ATVI) के 30 इंजीनियरों ने मिलकर तैयार की है। माडा 9 अभी भी अपने प्रोटोटाइप चरण में है और इसे बनाने में इंजीनियरों की टीम को पांच साल से अधिक का समय लगा है। 

वर्तमान में, इसमें Toyota का 1.8-लीटर DOHC 16-वाल्व VVT-i, 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन लगाया गया है, जिसे 2004 में कोरोला सेडान के साथ पेश किया गया था। इस बात की फिलहाल जानकारी नहीं दी गई है कि Mada 9 में यह इंजन कितनी पावर जनरेट करता है या इसमें कोई ट्यूनिंग की गई है या नहीं, लेकिन अपने स्टॉक रूप में, टोयोटा कारों में यह इंजन 166 से 187 hp के बीच की पावर जनरेट करता था।

निश्चित तौर पर प्रोडक्शन वर्जन पर आने तक इसके इंजन या पावर में कई तरह के बदलाव होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि माडा 9 के अनावरण के दौरान, तालिबान के उच्च शिक्षा मंत्री, अब्दुल बाकी हक्कानी ने कथित तौर पर कहा कि सुपरकार साबित करती है कि तालिबान शासन अपने लोगों के लिए धर्म और आधुनिक विज्ञान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

फिलहाल माडा 9 के लॉन्च की तारीख का खुलासा नहीं किया गया है और न ही इस बारे में जानकारी दी गई है कि यह कार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी राह बनाएगी या नहीं।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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