जापान की ऑटोमोबाइल कंपनी Nissan ने रूस से अपना बिजनेस समेटने का फैसला किया है। कंपनी अपना बिजनेस रूस सरकार की कंपनी NAMI को केवल एक यूरो में बेच रही है। इसका मतलब है कि Nissan को लगभग 69 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना होगा।

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के कारण बहुत सी इंटरनेशनल कंपनियों को रूस में बिजनेस करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कंपनियों ने इस वजह से अपना कारोबार समेट दिया है। निसान को कुछ महीने पहले रूस में प्रोडक्शन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। Nikkei Asia का दावा है कि जापान की एक अन्य बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी Mitsubishi भी रूस से निकलने पर विचार कर रही है। निसान ने सेंट पीटर्सबर्ग में अपनी फैक्टरी सहित अपना बिजनेस NAMI को सौंपने का फैसला किया है। इससे पहले निसान के साथ ज्वाइंट वेंचर वाली फ्रांस की कंपनी Renault ने रूस की एक कार मैन्युफैक्चरर में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेच दी थी।

निसान ने सप्लाई चेन में रुकावटों के कारण सेंट पीटर्सबर्ग की अपनी फैक्टरी में मार्च में प्रोडक्शन बंद कर दिया था। यूक्रेन पर हमला करने के कारण रूस पर बहुत से देशों ने प्रतिबंध भी लगाए हैं। यूरोपियन यूनियन (EU) ने हाल ही में रूस से जुड़ी सभी क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शंस पर पूरी तरह बैन लगा दिया था।

EU की ओर से की गई एक पोस्ट में बताया गया था, “क्रिप्टो एसेट्स पर मौजूदा बंदिशों को कड़ा किया गया है और रूस से जुड़े सभी क्रिप्टो वॉलेट्स, एकाउंट्स और कस्टडी सर्विसेज पर बैन लगाया गया है। इसके लिए रकम की कोई लिमिट नहीं होगी।” EU के रेगुलेटर्स का कहना है कि रूस के खिलाफ इन प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस की सेना और इंडस्ट्री को महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की सप्लाई रोकना है। हाल ही में रूस की सरकार ने विदेश में पेमेंट्स के लिए वर्चुअल डिजिटल एसेट्स का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। पिछले महीने रूस के डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर Alexei Moiseev ने कहा था कि सेंट्रल बैंक ने देश के लोगों को क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल कर विदेश से पेमेंट्स लेने और भेजने की अनुमति पर सहमति दी है। यूक्रेन को इस युद्ध में अमेरिका सहित बहुत से देशों से मदद मिल रही है। उसकी कुछ एजेंसियों को क्रिप्टोकरेंसीज के तौर पर विदेश से वित्तीय मदद भी दी जा रही है। यूक्रेन को युद्ध में भारी नुकसान हो रहा है। उसने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए नाटो में शामिल देशों से हथियारों के साथ ही वित्तीय मदद भी मांगी है। 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Source link

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *