आमतौर पर कोई भी लैपटॉप 20-25 हजार रुपये से कम कीमत में नहीं आता है, वहीं अगर फीचर्स बेहतर चाहिए तो यह बजट 40-45 हजार तक भी जा सकता है। अब अगर आपका बजट कम हो और आपको लैपटॉप चाहिए तो यह कैसे मुमकिन होगा। निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आपको एक ऐसी साइट के बारे में बता रहे हैं जहां पर आप 5 हजार रुपये से भी कम में बेहतरीन फीचर्स वाला लैपटॉप ले सकते हैं, जिसके इस्तेमाल स्कूल या कॉलेज स्टूडेंट और प्रोफेशनल बेसिक कार्यों के लिए कर सकते हैं।
 

ASUS Chromebook Celeron Dual Core पर ऑफर

ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट के ऑफर की बात की जाए तो ASUS Chromebook Celeron Dual Core की कीमत 22,990 रुपये है, लेकिन 17 प्रतिशत छूट के बाद 18,990 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर की बात की जाए तो Flipkart Axis बैंक कार्ड से भुगतान पर 5 प्रतिशत तक कैशबैक लिया जा सकता है।

आपको लग रहा होगा कि कीमत को कम कैसे किया जाए तो हम आपको बता दें कि एक्सचेंज ऑफर की बदौलत पुराना या मौजूदा लैपटॉप एक्सचेंज में देने पर 14,500 रुपये तक की बचत हो सकती है। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि एक्सचेंज में दिए जाने वाले लैपटॉप की कंडीशन और मॉडल पर ऑफर का पूरा लाभ निर्भर करता है। अगर एक्सचेंज ऑफर का पूरा लाभ मिलता हो तो कीमत कम होकर 4,490 रुपये हो सकती है। 
 

ASUS Chromebook Celeron Dual Core के फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस

फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस के लिए ASUS Chromebook Celeron Dual Core में 11.6 इंच की HD, LCD डिस्प्ले है, जिसका रेजोल्यूशन 1366 x 768 पिक्सल है। स्टोरेज के लिए इसमें 4 GB/64 GB EMMC दी गई है। यह लैपटॉप Chrome OS पर काम करता है। बैटरी बैकअप की बात करें तो इसमें 3-cell Li-ion की बैटरी है जो कि एक बार चार्ज होकर 13 घंटे तक चल सकती है।
 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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