गूगल में होगी 12,000 वर्कर्स की छंटनी, टेक इंडस्टी के लिए मुश्किल दौर का संकेत

ऑनलाइन सर्च और टेक से जुड़ी Google को चलाने वाली अमेरिकी कंपनी Alphabet ने 12,000 वर्कर्स की छंटनी करने की घोषणा की है। इसमें रिक्रूटिंग के साथ ही इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर असर होगा। कंपनी ने बताया कि ये छंटनी ग्लोबल लेवल पर की जा रही है और अमेरिका में स्टाफ के साथ इसकी शुरुआत होगी। 

Reuters की रिपोर्ट में बताया गया है कि Alphabet के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, Sundar Pichai ने एक स्टाफ मेमो में यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि हमारे सामने बड़ा अवसर है। हमारे प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की वैल्यू और AI में हमारे शुरुआती इनवेस्टमेंट से हमें मजबूती मिलेगी।” कंपनी अपने स्टाफ को वर्ष के अंत में मिलने वाले बोनस के एक हिस्से की पेमेंट को टाल रही है। Alphabet का कहना है कि वर्कर्स के लिए नए परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम में बदलाव के हिस्से के तौर पर यह किया जा रहा है। कंपनी पात्र वर्कर्स को 80 प्रतिशत एडवांस बोनस की पेमेंट करेगी और बाकी का हिस्सा बाद में दिया जाएगा।  

पिछले कुछ महीनों में इकोनॉमिक स्थिति के अनिश्चित होने की वजह से बहुत सी टेक कंपनियों ने छंटनी की है। इनमें फेसबुक को चलाने वाली Meta, Amazon, माइक्रोब्लॉगिंग साइट Twitter और चाइनीज स्मार्टफोन मेकर Xiaomi शामिल हैं। हाल ही में ग्लोबल सॉफ्टवेयर कंपनी Microsoft ने लगभग 10,000 वर्कर्स को हटाने की घोषणा की थी। क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े कस्टमर्स के खर्च घटाने का माइक्रोसॉफ्ट को नुकसान हो रहा है।  कंपनी पर अपनी क्लाउड यूनिट Azure के ग्रोथ रेट को बरकरार रखने का प्रेशर है। पिछली कुछ तिमाहियों से मंदी के कारण पर्सनल कंप्यूटर्स के मार्केट को नुकसान हुआ है और इससे माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज और डिवाइसेज की बिक्री पर असर पड़ा है। माइक्रोसॉफ्ट पिछली तिमाही के रिजल्ट्स की 24 जनवरी को घोषणा करेगी। 

कंपनी के पास पिछले वर्ष जून तिमाही के अंत में लगभग 2,21,000 वर्कर्स थे। इनमें से लगभग 1,22,000 अमेरिका और बाकी अन्य देशों में थे। कंपनी के छंटनी के फैसले से यह संकेत मिल रहा है कि टेक सेक्टर में वर्कफोर्स में कटौती जारी रह सकती है। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर Satya Nadella ने टेक सेक्टर के लिए दो वर्ष तक चुनौतियां रहने की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि माइक्रोसॉफ्ट को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और टेक कंपनियों को एफिशिएंट बनने की जरूरत है। 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *