Tata Motors की कारें खरीदना होगा महंगा सौदा, कंपनी ने बढ़ाई कीमतें

अगर आप साल 2023 में टाटा की नई कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए यह सौदा महंगा साबित होने वाला है। जी हां भारत की जानी-मानी ऑटोमोबाइल कंपनी Tata Motors ने पैसेंजर व्हीकल के अपने ICE पोर्टफोलियो की कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी इनपुट लागतों में वृद्धि के चलते वाहनों की कीमतें बढ़ा रही है। आपको बता दें कि ये बढ़ोतरी सिर्फ पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पर चलने वाले वाहनों पर ही हो रही है। इलेक्ट्रिक व्हीकल पर इस वृद्धि का कोई असर नहीं होने वाला है। आइए जानते हैं कि टाटा मोटर्स की महंगी होने वाली कारों के बारे में।

1 फरवरी से महंगी होंगी कारें
टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल 1 फरवरी, 2023 से 1.2% महंगे हो जाएंगे। आपको बता दें कि कीमत में ये बढ़ोतरी वेरिएंट और मॉडल के आधार पर अलग-अलग होगी।

Tata Motors ने ऑटो एक्सपो में पेश की कॉन्सेप्ट और नई सीएनजी कारें
Auto Expo 2023 में टाटा मोटर्स ने Tata Altroz और Tata Punch के सीएनजी वेरिएंट को शोकेस किया था। कंपनी ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कारों को दिखाने के अलावा कई कॉन्सेप्ट मॉडल्स से भी खुलासा किया।

भारतीय बाजार में मौजूदा टाटा की कारें
भारत में टाटा मोटर्स की मौजूदा कारों में Tata Tiago, Tata Tigor, Tata Altroz, Tata Punch, Tata Harrier, Tata Safari और Tata Nexon शामिल हैं।

टाटा की सीएनजी कारें
टाटा के सीएनजी पोर्टफोलिये में वर्तमान में मार्केट में Tata Tiago CNG और Tata Tigor CNG मौजूद हैं। वहीं ऑटो एक्सपो में कंपनी ने Tata Altroz और Tata Punch के सीएनजी वेरिएंट को भी शोकेस किया था, जिससे पता चलता है कि ये कारें भी जल्द सीएनजी ऑप्शन के उपलब्ध होंगी।

टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में देश की शीर्ष कंपनी है। वहीं कंपनी ने बीते महीने यानी कि दिसंबर 2022 में देश में अन्य लोकप्रिय कार निर्माता कंपनी Hyundai को पछाड़ कर दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी का पायदान हासिल किया। 

 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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