Auto Expo 2023: Lexus ने भारत में पेश की RX 350h और RX 500h कार, जानें खासियतें

देश में चल रहे Auto Expo 2023 में ऑटोमोबाइल दिग्गज अपने वाहनों और टेक्नोलॉजी को दिखा रहे हैं, जिनमें से एक Lexus भी है, जिसने आज देश में बिल्कुल नई RX लाइनअप को पेश किया। लेक्सस इंडिया की इस नई लाइनअप में दो पावरट्रेन – RX 350h लग्जरी हाइब्रिड और RX 500h F-Sport Performance शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि नई आरएक्स लाइनअप को “Alluring x Verve” डिजाइन कॉन्सेप्ट पर विकसित किया गया है।

जैसा कि हमने बताया, Lexus RX 350h लग्जरी हाइब्रिड कार है, जिसमें 2.5-लीटर फोर-सिलेंडर इंजन मिलता है। इस इंजन को हाइब्रिड ट्रांसएक्सल और एक रियर E-Four इलेक्ट्रिक मोटर के साथ जोड़ा गया है। ये पावरट्रेन साथ मिलकर 247hp की मैक्सिमम पावर जनरेट कर सकता है। इसमें खास इलेक्ट्रॉनिक रूप से कंट्रोल होने वाला ट्रांसमिशन और AWD लेआउट मिलता है। कंपनी का दावा है कि कार 7.9 सेकंड में 0–100 किमी / घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है।

बात करें, Lexus RX 500h F-Sport Performance की, तो यह मॉडल 2.4-लीटर टर्बोचार्ज्ड इंजन और एक ई-एक्सल रियर यूनिट के साथ आता है। ब्रांड का दावा है कि यह 366hp और 460Nm टॉर्क जनरेट करने वाला अब तक का सबसे शक्तिशाली RX मॉडल है। यह मॉडल 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है और 6.2 सेकंड में 0–100 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ने में सक्षम है।

RX लाइन-अप में लेक्सस सेफ्टी सिस्टम (LSS) 3.0 मिलता है, जिसमें वाहन का पता लगाने के साथ प्री कोलिजन सिस्टम (PCS), सभी स्पीड रेंज के लिए डायनेमिक रडार क्रूज कंट्रोल, लेन डिपार्चर अलर्ट ( एलडीए) आदि शामिल हैं। इसके अलावा, इशमें ऑटो हाई बीम (एएचबी) हेडलैंप भी शामिल है। ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटर (बीएसएम) और सेफ एग्जिट असिस्ट टेक्नोलॉजी (एसईए) को भी इसमें शामिल किया गया है।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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