Airtel ने मारी बाजी, सबसे पहले आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर और प्रयागराज में शुरू किया 5G नेटवर्क

देश की जानी-मानी टेलीकॉम कंपनी Airtel ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के आगरा, मेरठ, गोरखपुर, कानपुर और प्रयागराज में 5G सर्विस शुरू करने का ऐलान किया है। टेलीकॉम ऑपरेटर की सर्विस पहले से ही लखनऊ और वाराणसी में शुरू हो चुकी है। एयरटेल ‘5जी प्लस’ सर्विस ग्राहकों के लिए धीरे-धीरे उपलब्ध होंगी क्योंकि कंपनी अपने नेटवर्क को रोलआउट करती जा रही है।

ऐसे में 5जी सपोर्ट वाले फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहक बिना कोई अतिरिक्त चार्ज दिए हाई-स्पीड एयरटेल 5जी प्लस नेटवर्क का लाभ ले सकते हैं, हालांकि यह जब तक कि रोलआउट बड़े स्तर पर नहीं हो जाता है।

कंपनी के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीईओ सोवन मुखर्जी ने एक स्टेटमेंट में कहा कि “इन 5 शहरों में एयरटेल के ग्राहक अब अल्ट्राफास्ट नेटवर्क का एक्सपीरियंस कर सकते हैं और मौजूदा 4जी स्पीड के मुकाबले में 20-30 गुना ज्यादा तेज स्पीड का अनुभव ले सकते हैं। हम पूरे शहर में सर्विस लगाने की प्रक्रिया में हैं, जिससे यूजर्स हाई डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग, मल्टीपल चैटिंग, फास्ट फोटो अपलोड करना समेत सुपरफास्ट एक्सेस का लाभ ले सकते हैं।”

बीते हफ्ते देश के दूसरे सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर ने ओडिशा के भुवनेश्वर, कटक और राउरकेला में 5G नेटवर्क सर्विस शुरू की हैं। कंपनी ने कहा कि उसने भुवनेश्वर में कलिंगा और राउरकेला में बिरसा मुंडा स्टेडियम में अल्ट्राफास्ट 5जी सर्विस को शुरू किया है जो आगामी पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत कर रहे हैं।

इस बीच Airtel की 5G सर्विस को पहले इस महीने के शुरू में हरियाणा के हिसार और रोहतक में शुरू किया गया था। टेलीकॉम दिग्गज ने यह भी कहा कि 5G इनेबल डिवाइस वाले यूजर्स को बिना कुछ एक्स्ट्रा भुगतान किए हाई-स्पीड Airtel 5G नेटवर्क का एक्सीपीरियंस मिलेगा। यह सिर्फ तब तक है जब तक 5G सर्विस का रोलआउट बड़े स्तर पर नहीं होता।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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