आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस चैटबॉट आने वाले समय में इंसानों, उनकी प्राइवेसी और उनकी पूंजी के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि ऐसा AI चैटबॉट द्वारा लोगों को स्कैम करने की संभावनाओं के बारे में बताने वाली लेटेस्ट रिपोर्ट का इशारा है। ChatGPT जैसे एआई चैटबॉट (AI Chatbot) यूजर्स के साथ मानव के समान इमोशन व उनकी जैसी प्रतिक्रियाओं के साथ बातचीत करने में सक्षम हैं। इतना ही नहीं, इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये बातचीत से खुद सीखते हैं और यूजर्स की पसंद के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम होते हैं। कैसा होगा यदि इस तरह के AI टूल्स का इस्तेमाल स्कैमर्स द्वारा किया जाने लगा? ये तेजी से डिजिटल हो रही दुनिया के लिए कितना खतरनाक साबित होगा? इस विषय पर टेक सॉल्यूशंस फर्म अल्टिमा में सोशल इंजीनियरिंग के प्रमुख रिचर्ड डी वेरे ने विस्तार से बात की है।

रोमांस स्कैम जैसे ऑनलाइन घोटालों के बारे में पहले से पता लगाना मुश्किल है, क्योंकि किसी के साथ अच्छा संबंध स्थापित करने और भरोसा करने के पूरे प्रोसेस में कई हफ्तों का समय लग जाता है। लेकिन यदि शिकार फंस गया, तो भावनात्मक तरीकों का उपयोग करके उनसे पैसा ऐंठने का काम शुरू हो जाता है। अब, यदि इस काम को AI की मदद से स्कैमर्स द्वारा किया जाने लगा, तो क्या होगा?

रिचर्ड डी वेरे ने इस विषय पर The Sun से बात की और कहा, “अकेले अमेरिका में … हर साल लगभग 24,000 लोग रोमांस स्कैम का शिकार होते हैं। एआई का उपयोग करने वाले स्कैमर्स को अपने बहुत सारे सांसारिक कार्यों को ऑटोमेट करने का मौका मिलता है।”

डी वेरे का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपने शिकार से मौसम के बारे में बात कर सकते हैं, शिकार को अपने परिवार के बारे में बतातकर या उनका दिन कैसा गुजरा जैसी लुभावनी बातें कर उनका भरोसा हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “AI की नई पीढ़ी इंसानों से लगभग अप्रभेद्य है, कम से कम जब ईमेल और मैसेजिंग एप्लिकेशन द्वारा संचार किया जाता है।”

डी वेरे को लगता है कि कुछ एआई चैटबॉट इंसानों की तुलना में बेहतर और अधिक विश्वसनीय मैसेज लिखने में सक्षम हैं और उन्होंने इसका सीधा उदाहरण ChatGPT के रूप में दिया। बता दें कि चैटजीपीटी एक चैटबॉट है, जो आपके द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब ऐसे देता है, मानों आपने उस प्रश्न को किसी इंसान से पूछा हो। 

उन्होंने पब्लिकेशन से कहा, “वर्तमान में, स्कैमर चैटजीपीटी का उपयोग अपने टार्गेट के साथ बातचीत करने के लिए कर सकते हैं। यह कम कुशल अपराधियों के लिए एक्टिविटी की मात्रा बढ़ाने के लिए एक और अवसर खोलता है।” उन्होंने आगे कहा, “जब लक्ष्य पर्याप्त रूप से तैयार [भरोसा कर लेता है] हो जाता है और एआई के लिए [अपनी] भावनाओं को विकसित कर लेता है, तो एक वास्तविक व्यक्ति कंट्रोल ले सकता है और शिकार को पैसे भेजने के लिए मजबूर कर सकता है।”

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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