इनफिनिक्स ने भारत में पासवर्ड जांच की। नियंत्रक में है और साथ ही जैसी भी है। बदलती में 11वीं पीढ़ी का इंटेल कोर है। आवश्यक खेल 15.6 इंच का है जो कि एक बेहतरीन खेल खेलने योग्य है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी ठीक नहीं है। आने वाले समय में आने की घटना शुरू हो गई है। पीसी की कीमत और सभी की पूरी जानकारी नीचे दी गई है।

Infinix InBook X2 Plus की भारत में कीमत, उपलब्धता

इनफिनिक्स इनबुक X2 प्लस को फ्लिपकार्ट पर सूची तैयार की गई है। क्रिया के आधार पर 8GB और 256GB है। अरब मूल्य 32,990 है। 11वीं पीढ़ी के इंटेल कोर i3, कोर i7, या कोर i7 में बेहतर मेल खाने के लिए। सौदा 16GB और 512GB भी खरीद के लिए है, सौदा 52,990 रुपये है। खराब को खराब, और रेड कलर्स में अपडेट किया गया।

Infinix InBook X2 Plus के स्पेसिफिकेशन, फीचर्स

Infinix InBook X2 Plus का प्रदर्शन 15.6 इंच है। नियमित सुधार 1,920×1,080 पिक्सल लाइफटाइम में 300 निट्स की ब्राइट और 60Hz का रीफ्रेश है। स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक है, साथ ही साथ एलईडी भी ठीक हो गया। यह पैप ऑफ ऑफ द प्राफेक्टेड विंडोज़ 11 होम कार्यप्रणाली के साथ अच्छी तरह से सुसज्जित है। आँकड़ों में कॉमपेक्ट है। शरीर के शरीर में उपस्थिति 1.49mm आकार के साथ अच्छी होती है। भार का भार 1.58kg है। स्क्रीन के लिए बेहतर बेहतर है। एम.एम.एम. अलर्ट.

इंफिनिक्स इनबुक X2 प्लस में बिजली की रोशनी होती है। पीएसी की जांच करने वाला व्यक्ति 50Wh की ओर से दावा कर रहा है कि यह 10 घंटे का हो सकता है। Movie 65W यूएसबी टाइप-सी फास्ट सुविधा सुविधा है। इस वाई-फाई 5 और ब्लूटूथ v5.1 को सपोर्ट करता है। पहला इनफिनिक्स इनबुक X1 (रिव्यू) इंटेल 10वीं पीढ़ी के आइस लेक सीपीयू का उपयोग किया गया था।

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By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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