देश की सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने ऐसे एंप्लॉयीज को लेकर सख्त रवैया नहीं अपनाने का संकेत दिया है जो कंपनी में रहते हुए किसी अन्य क्लाइंट के लिए भी काम कर रहे हैं। एक कंपनी का एंप्लॉयी होने के बावजूद दूसरी जॉब करने को ‘मूनलाइटिंग’ कहा जाता है। 

TCS के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) ने कहा कि मूनलाइटिंग के खिलाफ कार्रवाई से किसी व्यक्ति के करियर का नुकसान हो सकता है और इस वजह से इस मुद्दे के साथ निपटने के लिए कुछ सहानुभूति दिखाना महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि ऐसा करने वाले एंप्लॉयीज के खिलाफ कार्रवाई करने से कंपनी को कोई चीज नहीं रोकती क्योंकि इसे सर्विस एग्रीमेंट में स्पष्ट किया है। हालांकि, युवाओं को इससे दूर करना होगा। उन्होंने कहा,  “ऐसे एंप्लॉयीज के खिलाफ कार्रवाई से उनका करियर को बड़ा नुकसान हो सकता है। अगली जॉब के लिए वे बैकग्राउंड चेक को पास नहीं कर सकेंगे। हमें इसे लेकर कुछ सहानुभूति दिखानी होगी।” 

उन्होंने बताया कि कुछ IT कंपनियां ऐसे मॉडल पर काम करती हैं जिससे फ्रीलांसर्स से उन्हें फर्क नहीं पड़ता। TCS के क्लाइंट्स में बड़ी ग्लोबल कंपनियां शामिल हैं और इस तरह की एक्टिविटी की मंजूरी नहीं दी जा सकती क्योंकि कस्मटर के डेटा को सुरक्षित रखना होता है। TCS के पास छह लाख से अधिक एंप्लॉयीज हैं और कंपनी ने इस वर्ष लगभग 1.35 लाख फ्रेशर्स को हायर किया है। कंपनी का मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर 10,431 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी ने 8 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड देने की भी घोषणा की है। 

हाल ही में कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज को सप्ताह में कम से कम तीन दिन ऑफिस से काम करने के लिए कहा था। TCS ने एंप्लॉयीज को भेजी ईमेल में बताया था कि उन्हें अपने सुपरवाइजर की ओर से बनाए गए रोस्टर के अनुसार एक सप्ताह में तीन दिन ऑफिस से काम करना होगा। इसका उल्लंघन करने वाले एंप्लॉयीज के खिलााफ कंपनी की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, ईमेल में इसके लिए कोई समयसीमा नहीं दी गई थी। कुछ सप्ताह पहले कंपनी ने ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए एंप्लॉयीज को ऑफिस आने के लिए प्रोत्साहित किया था। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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By MINIMETRO LIVE

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