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वैज्ञानिक नजरिए से जब भी बात होती है हमारे सौर मंडल के ग्रहों की, तो मंगल, शुक्र या बृहस्‍पति सबसे पसंदीदा विषय के रूप में उभरते हैं। तमाम देशों की स्‍पेस एजेंसियों के मिशन भी इन्‍हीं ग्रहों पर फोकस कर रहे हैं। लेकिन हमारे सौर मंडल में एक और ग्रह है, जिसने वैज्ञानिकों का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है। यूरेनस (Uranus) की नई तस्‍वीर को जो भी देख रहा है, हैरान हो रहा है। अंतरिक्ष में तैनात दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन, जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलिस्‍कोप (James Webb Space Telescope) ने यूरेनस की आश्‍चर्यजनक तस्‍वीर शेयर की है। इसमें यूरेनस की रिंग्‍स भी साफ-साफ नजर आती हैं। 

आमतौर पर हमें लगता है कि रिंग्‍स से घिरा हुआ ग्रह सिर्फ शनि (Saturn) है। लेकिन यूरेनस के चारों ओर मौजूद रिंग्‍स इसे और विस्‍मयकारी बनाती हैं। वैज्ञानिकों को अबतक यूरेनस के 13 रिंग्‍स (वलय) के बारे में जानकारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेम्‍स वेब टेलिस्‍कोप ने जो तस्‍वीर ली है, उसमें 11 रिंग्‍स दिखाई दे रही हैं। इनमें से कुछ रिंग्‍स इतनी ब्राइट हैं कि वो एक-दूसरे के साथ मिल जा रही हैं। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के अनुसार, ग्रह के दाहिनी ओर दिखाई देने वाला चमकीला क्षेत्र सूर्य के सामने एक चमकीला ध्रुव है, जिसे पोलर कैप के रूप में जाना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि यूरेनस अपनी कक्षा के तल से लगभग 90 डिग्री के कोण पर घूमता है। इसके वजह से ग्रह के ध्रुवों में कई साल तक धूप रहती है। फ‍िर कई साल यूरेनस के ध्रुव अंधेरे में रहते हैं। 

यूरेनस के एक नहीं, कई चंद्रमा हैं और जेम्‍स वेब टेलिस्‍कोप ने उनमें से कई को कैमरे में कैद किया है। यूरेनस के 27 चंद्रमाओं के बारे में वैज्ञानिकों को जानकारी है। उनमें से ज्‍यादातर बहुत छोटे हैं और नजर नहीं आते। जो तस्‍वीर जेम्‍स वेब ने ली है, उसमें ग्रह के 6 चंद्रमा भी दिखाई देते हैं। 
 

यूरनेस की सबसे पॉपुलर तस्‍वीर साल 1986 में सामने आई थी, जब Voyager 2 ने उसे एक नीली-हरी बॉल के रूप में पेश किया था। जेम्‍स वेब टेलिस्‍कोप ने इस ग्रह को अलग अंदाज दिया है। पहली बार इस ग्रह के डाइनैमिक वातावरण और रिंग्‍स को दुनिया के सामने लाया गया है। वैज्ञानिकों को लगता है कि आने वाले वक्‍त में यूरनेस की सभी रिंग्‍स हमारे सामने होंगी, उनके बारे में ज्‍यादा जानकारी के साथ। 
 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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