Jio : जियो के 5G नेटवर्क से 34 नए शहर हुए कनेक्ट, अबतक 365 शहरों में पहुंची सर्विस

रिलायंस जियो (Jio) ने बुधवार को बताया कि उसने 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 34 और शहरों में अपना ट्रू 5G नेटवर्क लॉन्च कर दिया है। कुल मिलाकर रिलायंस जियो के 5G नेवटर्क पर अब 365 शहर कनेक्ट हो गए हैं। नए जुड़े शहरों में से अधिकांश शहरों में 5G सेवाएं देने वाला जियो पहला टेलीकॉम ऑपरेटर है। जियो ने कहा है कि इन शहरों के जियो यूजर्स को ‘जियो वेलकम ऑफर’ के तहत इनवाइट किया जाएगा और जियो यूजर्स को बिना किसी अतिरिक्त लागत के 1 जीबीपीएस+ स्पीड और अनलिमिटेड डेटा मिलेगा।

जियो के मुताबिक, ट्रू 5G से नए जुड़ने वाले शहरों की सूची में आंध्र प्रदेश के अमलापुरम, धर्मावरम, कवाली, तनुकु, तुनी, विनुकोंडा, हरियाणा के भिवानी, जींद, कैथल, रेवाड़ी, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, कांगड़ा, जम्मू और कश्मीर के बारामूला, कठुआ, कटरा, सोपोर, कर्नाटक के हावेरी, कारवार, रानीबेन्नूर, केरल का अत्तिंगल, मेघालय का तुरा, ओडिशा के भवानीपटना, जटानी, खोरधा, सुंदरगढ़, तमिलनाडु के अम्बुर, चिदंबरम, नमक्कल, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम, शिवकाशी, तिरुचेंगोडे, विलुप्पुरम और तेलंगाना का सूर्यापेट शामिल है। 

इस लॉन्च पर जियो प्रवक्ता ने कहा कि 34 नए शहरों में जियो ट्रू 5G का रोलआउट करने पर हमें गर्व है। जियो के इंजीनियर हर भारतीय तक ट्रू-5G पहुंचाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। दिसंबर 2023 के अंत तक भारत के हर शहर, हर तालुका में जियो अपनी ट्रू 5G सेवाएं लॉन्च कर देगा। 

जियो का कहना है कि 5जी से जुड़ने वाले शहरों के जियो यूजर्स और बिजनेसेज को हाई-स्पीड, लो-लेटेंसी, स्टैंड-अलोन ट्रू 5जी सेवाओं का फायदा मिलेगा। इससे पर्यटन, विनिर्माण, एसएमई, ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गेमिंग और आईटी के क्षेत्रों में विकास के नए अवसर खुलेंगे। गौरतलब है कि जियो और एयरटेल देश की दो प्रमुख टेलिकॉम कंपनियां हैं, जो देश में तेजी से अपने 5जी नेटवर्क का विस्‍तार कर रही हैं। 

 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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