Maruti Eeco की बिक्री हुई 10 लाख यूनिट्स के पार, वैन के सेगमेंट में दबदबा बरकरार

देश की सबसे बड़ी कार मेकर Maruti Suzuki ने बुधवार को बताया कि कंपनी की Eeco वैन ने 10 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। इसकी बिक्री 12 वर्ष पहले शुरू हुई थी। कंपनी का दावा है कि इको का इस सेगमेंट में 94 प्रतिशत से अधिक का मार्केट शेयर है। यह वैन फाइव सीटर, सेवन सीटर, कार्गो, टुअरर और एंबुलेंस जैसे वेरिएंट्स में उपलब्ध है। 

मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, Shashank Srivastava ने कहा कि इको का वैन के सेगमेंट में दबदबा है और इसके पास 94 प्रतिशत से अधिक का मार्केट शेयर है। उन्होंने बताया, “यह 10 लाख से अधिक कस्टमर्स की विश्वसनीय पसंद है, जिसने कई वर्षों से उनकी बदलती जरूरतों को पूरा किया है। इको की शुरुआती पांच लाख यूनिट्स की बिक्री में आठ वर्ष लगे थे, जबकि अगली पांच लाख यूनिट्स की बिक्री पांच वर्षों से कम में हुई है। हम अपने कस्टमर्स को हमारे ऊपर विश्वास रखने और इको को देश में सबसे अधिक बिकने वाली वैन बनाने के लिए धन्यवाद देते हैं।” 

इको के प्रैक्टिकल डिजाइन के साथ ही इसके अधिक स्पेस वाले केबिन से यह फ्लीट ऑपरेटर्स के बीच लोकप्रिय है। इको में 1.2 लीटर एडवांस्ड K-Series डुअल-जेट, डुअल VVT इंजन है। यह पेट्रोल के साथ ही CNG वेरिएंट में भी उपलब्ध है। इको का पेट्रोल वेरिएंट 6,000 rpm पर 80 PS से अधिक टॉप पावर देता है और इसकी माइलेज 20 kmpl प्रति लीटर से अधिक की है। कंपनी का दावा है कि इसका CNG वेरिएंट 27 km/kg से अधिक की माइलेज देता है। 

कंपनी की जनवरी में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 14.29 प्रतिशत बढ़कर 1,47,348 यूनिट्स की रही थी। पिछले वर्ष के इसी महीने में कंपनी ने 1,28,924 यूनिट्स बेची थी। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स की कमी से मारुति सुजुकी के प्रोडक्शन पर मामूली असर पड़ा है। कंपनी इस मुश्किल से निपटने के उपाय कर रही है। कंपनी के लिए कॉम्पैक्ट सेगमेंट ने सेल्स में अपना बड़ा योगदान जारी रखा है। पिछले महीने कंपनी की Baleno, Celerio, Dzire, Ignis, Swift, Tour S और WagonR की कुल बिक्री 73,840 यूनिट्स की थी। इसके अलावा Brezza, Ertiga, S-Cross, XL6 और Grand Vitara जैसे यूटिलिटी व्हीकल्स की सेल्स 35,353 यूनिट्स की थी। कंपनी के लिए सेल्स बढ़ाने में नई ब्रेजा और ग्रैंड विटारा ने मदद की है। 
 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *