एड-टेक स्टार्टअप बीवर्सिटी को सीड फंडिंग मिली


चेन्नई स्थित एड-टेक स्टार्टअप Bversity ने नेटिवलीड से फंडिंग के एक सीड राउंड में ₹1.5 करोड़ जुटाए हैं, एक फर्म जो स्टार्टअप्स की मदद करती है, खासकर तमिलनाडु के छोटे शहरों में और किसफ्लो के संस्थापक और सीईओ सुरेश संबंदम। इस दौर में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख निवेशकों में नेटिवलीड के अध्यक्ष नागराज प्रकाशम; सॉफ्ट स्क्वायर के सीईओ एंडी गिरी; रिचमंड हॉस्पिटल्स के निदेशक प्रभात विवेकानंदन; अशोक भक्तवाचलम जो केजी ग्रुप के अध्यक्ष हैं; निंजा मीडिया के सीईओ रंजीत चक्कथ और मिल्की मिस्ट के चेयरमैन सतीश कुमार।

2022 में चार दोस्तों द्वारा स्थापित – सुदर्शन वी., संस्थापक और सीईओ; रघुल जगन्नाथन, सह-संस्थापक और मुख्य शिक्षा अधिकारी; Godwin Immanuel, सह-संस्थापक और CMO और Saiganesh V., सह-संस्थापक और मुख्य वित्तीय अधिकारी – स्टार्टअप का उद्देश्य उद्योग-अकादमिक अंतर को पाटना है। उन्होंने ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए हैं जिनका दावा है कि इससे छात्रों को उद्योग के लिए तैयार होने और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार खोजने में मदद मिलेगी।

श्री सुदर्शन ने कहा, “बायोटेक उद्योग के 2025 तक 150 बिलियन डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है, और हमने पिछले 3 वर्षों में इस क्षेत्र में नई कंपनियों की संख्या और नौकरी के अवसरों में 8 गुना वृद्धि देखी है। हम एक वैश्विक बायोटेक शिक्षा ब्रांड बनाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि स्टार्टअप अब विस्तार और विस्तार के लिए अपने अगले दौर के निवेश को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में जुटाई गई धनराशि से, स्टार्टअप अपनी टीम का निर्माण करेगा और अपनी तकनीकी क्षमताओं को भी मजबूत करेगा।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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