Amazon Air: अमेजन अब हवाई जहाज से पहुंचाएगा सामान, भारत में लॉन्च हुई एयर कार्गो सर्विस

Amazon.com ने सोमवार को भारत में एक समर्पित एयर कार्गो सेवा Amazon Air को लॉन्च किया। इस सर्विस के जरिए ई-कॉमर्स दिग्गज देश में अपनी डिलीवरी सेवा को पहले से तेज और बेहतर बनाने का प्रयास करेगी। अमेजन के लिए भारत प्रमुख बाजारों में से एक है, जहां इसकी सीधी टक्कर इसके कड़े प्रतियोगी Flipkart से होती है। Amazon देश में स्टैंडर्ड के साथ वन डे और टू डे डिलीवरी ऑप्शन भी देती है।

समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार, Amazon ने भारत में अपनी समर्पित एयर कार्गो सर्विस Amazon Air को लॉन्च कर दिया है। कंपनी के एक कार्यकारी ने एजेंसी को बताया कि इसके जरिए कंपनी भारत में अपनी डिलीवरी को विस्तारित और तेज करना चाहती है। निवेश की वैल्यू को बताए बिना, अमेजन ग्लोबल एयर की उपाध्यक्ष, सारा रोहड्स ने एजेंसी को बताया कि ‘चार प्रमुख भारतीय शहरों में अमेजन के लिए विशेष रूप से परिवहन पैकेजों के लिए भारतीय कार्गो वाहक Quikjet में निवेश किया गया है।

रोहड्स ने आगे कहा कि एक समर्पित कार्गो सर्विस का उपयोग करने के कदम से अमेजन को प्रोडक्ट की व्यापक रेंज में डिलीवरी के समय को कम करते हुए लागत और फ्लाइट शैड्यूल पर अच्छा कंट्रोल मिलेगा।

अमेरिका और यूरोप के बाद भारत तीसरा बाजार है, जहां कंपनी ने Amazon Air लॉन्च किया है। अमेजन ने इस सर्विस को अपने घरेलू बाजार अमेरिका में 2016 में शुरू किया था, और वर्तमान में कंपनी वहां 110 से अधिक जेट का नेटवर्क ऑपरेट करती है जो दुनिया भर में 70 से अधिक स्थानों पर उड़ान भरते हैं।

यूरोप की ASL Aviation की यूनिट Quickjet बेंगलुरू बेस्ड मालवाहक कंपनी है, जो पहले से ही Amazon के लिए एक विमान को ऑपरेट करती है और कल, यानी मंगलवार से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरू और हैदराबाद समेत दूसरे शहरों में अपना दूसरा विमान ऑपरेट करना शुरू करेगी।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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