Layoffs 2023: जनवरी में होगी बड़ी छंटनी, कई एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी, जानें क्या कहा?

2022 कई कर्मचारियों के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ, क्योंकि Amazon, Facebook, Intel, Netflix जैसी कई बड़ी कंपनियों ने नौकरियों में कटौती की। कुछ ने COVID-19 महामारी से होने वाले नुकसान का हवाला दिया, तो अन्य ने ओवरहायरिंग को वजह बताया। हालांकि, केवल 2022 नहीं, ऐसा प्रतीत होता है कि 2023 भी बड़ी छंटनी देखेगा। एक अमेरिकी संस्थान ने दावा किया है कि जनवरी 2023 में पहले से ज्यादा छंटनी होने के आरार हैं।

छंटनी पर नजर रखने वाली वेबसाइट Layoffs.fyi के अनुसार, टेक कंपनियों ने 2022 में 153,000 से अधिक नौकरियों को खत्म कर दिया, जबकि 2020 के मार्च और दिसंबर के बीच ये आंकड़ा 80,000 और 2021 में 15,000 था। वेबसाइट का डेटा बताता है कि रिटेल और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी उद्दोग के वो दो हिस्से थे, जिन्होंने पिछले साल सबसे ज्यादा छंटनी देखी। इस स्पेस में करीब 40,000 छंटनी हुई थी।

अमेरिका में ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, छंटनी और डिस्चार्ज के लिए जनवरी सबसे बड़ा महीना है। न केवल संस्थान, बल्कि कई बड़े एक्सपर्ट्स ने भी इसी ओर इशारा किया है। 

Bloomberg के अनुसार, हाल ही में गोल्डमैन सैक्स के सीईओ डेविड सोलोमन ने कर्मचारियों को आगाह किया था कि नए साल में नौकरियों में कटौती हो रही है और कर्मचारियों की संख्या में कमी जनवरी की शुरुआत में होगी। सोलोमन ने कहा, “हम सावधानीपूर्वक समीक्षा कर रहे हैं और चर्चा अभी भी चल रही है, हम उम्मीद करते हैं कि जनवरी की पहली छमाही में हमारे कर्मचारियों की संख्या में कमी आएगी।”

विश्लेषक फर्म फॉरेस्टर रिसर्च के सलाहकार और उपाध्यक्ष, जेपी गौंडर ने वॉल स्ट्रीट जनरल को बताया, “अगले कुछ हफ्तों में अधिक छंटनी देखना आश्चर्यजनक नहीं होगा,” उनका कहना है कि दिसंबर कई कंपनियों के लिए वित्तीय वर्ष के अंत का प्रतीक है, जिससे जनवरी “संगठनात्मक पुनर्गठन और समायोजन” का महीना बन जाता है।

Google द्वारा भी इस महीने हजारों नौकरियों में कटौती की घोषणा की जा सकती है। कहा जा रहा है कि कंपनी गूगल रिव्यू एंड डेवलपमेंट (GRAD) नाम के अपने परफॉर्मेंस रेटिंग सिस्टम के साथ कर्मचारियों का मूल्यांकन कर रही है।

ऐसी ही उम्मीद Amazon से भी है। कंपनी के सीईओ एंडी जेसी ने नवंबर 2022 में पहले ही चेतावनी दे दी थी कि नौकरी में कटौती कंपनी की एनुअल ऑपरेटिंग प्लानिंग रिव्यू का एक हिस्सा थी।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *